पानीपत। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में नोमान इलाही की गिरफ्तारी होने के बाद यमुना खादर का इलाका एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई यमुना की खादर में स्लीपर सेल तैयार कर रही है। हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा उनके सॉफ्ट टारगेट हैं। कैराना निवासी आईएसआई एजेंट इकबाल काना को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। नोमान से हुई पूछताछ में भी यह बात सामने आ रही है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इकबाल काना और उसके साथी कई अन्य युवकों के संपर्क में थे।
यमुना नदी हरियाणा और यूपी के बीच बॉर्डर का काम करती है। हरियाणा की और यमुना नगर, करनाल और पानीपत जिले हैं। तो वहीं यूपी की ओर सहारनपुर और शामली जिले हैं। खास तौर पर कैराना अधिक सुर्खियों में रहता है। कैराना से पहले भी आईएसआई के एजेंट को गिरफ्तार किया जा चुका है। कैराना के रहने वाले इकबाल काना, दिलशाद, हमीदा और शाहिद आईएसआई के लिए काम करते हैं। इकबाल काना क्षेत्र में युवाओं से संपर्क करता है। करीब नौ साल पहले पहले शामली पुलिस ने कलीम को गिरफ्तार किया था। कलीम भी इकबाल के संपर्क था। अब नोमान इलाही की गिरफ्तारी के बाद भी इकबाल काना का नाम सामने आया है। यही नहीं नोमान से पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इकबाल के संपर्क में कुछ अन्य युवक भी हैं। उसके परिजन भी इसकी आशंका जता चुके हैं। जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां भी इस क्षेत्र में सक्रिय हो गई हैं।
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ये होते हैं स्लीपर सेल
स्लीपर सेल सामान्य रूप से आतंकी संगठनों के लिए काम करते हैं। वे संगठन द्वारा दिया गया काम पूरा करते हैं। वे सामान्य रूप से अपना काम करते रहते हैं। लोगों के बीच घुल-मिलकर रहते हैं। किसी भी तरह से पहचान में नहीं आते हैं। वे टास्क मिलते ही अपना काम पूरा करते हैं।
वर्जन :
जिले में स्लीपर सेल का पहले कोई मामला सामने नहीं आया है। पुलिस नोमान इलाही के मामले में भी जांच कर रही है। उनसे पूछताछ के आधार पर बाकी लोगों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।