पानीपत। ह्यूमन वेलफेयर क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी मामले में दो और मुकदमे पुलिस ने दर्ज किए हैं। थाना सदर व मतलौडा पुलिस ने निवेशकों के बयान पर ये केस किए हैं। जिसमें सोसायटी के सीएमडी समीर अग्रवाल, ब्रांच मैनेजर, चेस्ट इंचार्ज से लेकर क्लर्क तक को नामजद किया है।
इनमें चार मामले पहले से ही दर्ज है। अब तक कंपनी के निदेशकों पर जिला में छह मुकदमे हो गए हैं। पुलिस ने दो सीएससी संचालकों को गिरफ्तार कर चुकी है। बाकी आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं। निवेशक आरोपियों की गिरफ्तारी की लगातार मांग कर रहे हैं।
निवेशक राजकुमार ने बताया कि उसने 5300 रुपये मासिक की तीन साल की आरडी कराई कंपनी में कराई थी। जो 30 नवंबर 2024 को पूरी हो चुकी है। उसे 2,50,165 रुपये मिलने थे लेकिन आज तक नहीं मिले।
सैनी कॉलोनी के कमल किशोर ने अपनी मां राजरानी के नाम 26 जनवरी 2022 को तीन हजार रुपये प्रति माह की आरडी कराई थी। 26 जनवरी 2025 को उसे 1.41 लाख रुपये मिलने थे। बोहली के मलकित सिंह ने पांच हजार रुपये प्रति महीने के हिसाब से तीन साल की आरडी कराई। 26 माह में 1.30 लाख रुपये व पत्नी के नाम से 26 हजार जमा कराए। हरविंद्र सिंह ने 25 हजार और सिठाना निवासी मनप्रीत सिंह ने 65 हजार रुपये जमा कराए और कंपनी ने लेन देन बंद कर अपनी ब्रांच बंद कर दी।
उनके साथ योजनाबद्ध तरीके से धोखाधड़ी की गई। मामले में पुलिस ने सीएमडी समीर अग्रवाल, ददलाना ब्रांच मैनेजर मनीष शर्मा, चेस्ट ब्रांच मैनेजर सचेत सांगवान, हरियाणा हेड आकाश श्रीवास्तव, क्लर्क शवाब हुसैन, मलकित, कमल व हरविंदर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मतलौडा : दूसरी तरफ मतलौडा थाना पुलिस ने भी ब्रांच मैनेजर मनीष पर केस दर्ज किया है।
आरोप है कि कमलेश कुमारी, चमेली, गुड्डी, रितु, रतन सिंह, सूबे सिंह के पैसे आरडी व एफडी में निवेश करा मैच्योरिटी होने पर भी नहीं लौटाए। उसका कार्यालय बंद है।