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मिड डे मील के राशन में रेंग रहे थे कीड़े, 5 महीने पहले एक्सपायर हो चुका था दूध का पैकेट

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शिक्षा विभाग स्कूलों में मिड डे मील में छोटे बच्चों को पोषण आहार के नाम पर बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लाल बत्ती चौक स्थित मॉडल संस्कृति स्कूल में बच्चों को दिए गए आटे में कीड़े रेंगते मिले, जो दूध का पैकेट दिया जा रहा था, वो पांच महीने पहले एक्सपायर हो चुका है। आटे में कीड़े रेंगते मिलने और एक्सपायर हो चुका दूध दिए जाने पर अभिभावक शनिवार को स्कूल पहुंच गए और प्रबंधन को घेर लिया। अभिभावकों का आरोप था कि स्कूल प्रबंधन अपनी गलती मानने की बजाए मामले को दबाने का प्रयास करने लगा। शिकायत करने पहुंचे अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने कहा कि राशन और दूध का पैकेट बदल देंगे। अभिभावकों के विरोध पर स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। आठ वर्ष पहले भी इसी स्कूल में मिड डे मील के लिए आया राशन ले जाते एक युवक को पकड़ा गया था।
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जब से कोरोना महामारी जारी है, तब से प्राइमरी स्कूल बंद हैं। ऐसे में पका हुआ मिड डे मील नहीं देकर राशन दिया जा रहा है। जिससे बच्चों को पोषण आहार मिलता रहा। भाटिया कॉलोनी निवासी अमित गुप्ता और बबैल रोड निवासी देवेंद्र ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज आया था, जिसमें स्कूल स्टाफ ने अभिभावकों से चौथी कक्षा के बच्चों को राशन ले जाने की सूचना दी थी। वे शुक्रवार को राशन लेकर गए थे। घर जाकर जब आटा छाना तो कीड़े मिले, शंका होने पर दूध का पैकेट चेक किया तो वह भी एक्सपायरी हो चुका था। देवेंद्र के साथ ही ऐसा ही हुआ। दोनों शनिवार को शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे।
घर में भी तो खराब हो जाता है राशन, बात का बतंगड़ मत बनाओ
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात सुनने की बजाए, उल्टा उन्हें ही सुनाना शुरू कर दिया। स्कूल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि घर पर रखा राशन भी तो खराब हो जाता है। फिर भी हमने इसे बदलवाने के लिए कह दिया है। अब ये गलती स्कूल वालों की तो नहीं है। पूरा राशन ऊपर से ही भेजा जाता है। बात का बतंगड़ मत बनाओ।
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फरवरी 2021 में ही खराब हो चुका है दूध
जो दूध का पैकेट स्कूल प्रबंधन की ओर से छोटे बच्चों को बांटा गया था, इस पर मैन्यूफैक्चरिंग डेट सितंबर 2020 की थी। जिस पर लिखा है कि छह महीने के अंदर इस्तेमाल कर लिए जाना चाहिए। इस हिसाब से दूध का पैकेट फरवरी 2021 तक ही वैध था। अब जुलाई 2021 चल रहा है, इस हिसाब से छोटे मासूम बच्चों को 5 महीने पहले खराब हो चुका दूध दिया जा रहा था।
रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी
स्कूल प्रिंसिपल प्रतिमा शर्मा ने बताया कि मिड डे मील के संबंध में मिडल हेड संदीप शर्मा ही बता सकेंगे। मिडल हेड संदीप शर्मा ने बताया कि राशन ऊपर से ही ऐसा भेजा गया था। उन्होंने ये भी कहा कि कितने बच्चों को ये राशन बांटा जा चुका है, इसकी जानकारी नहीं है। राशन बांटने वाली अधिकारी छुट्टी पर हैं। उनके आने के बाद ही रिपोर्ट ली जा सकेगी। पूरे मामले पर स्कूल प्रबंधन की तरफ से कार्रवाई की जाएगी।
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पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बृजमोहन गोयल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एंव इंचार्ज जिला मिड डे मील।
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