पानीपत। इसराना थानाक्षेत्र में खरीद फरोख्त मामले में नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में 99 दिन से रह रही बच्ची की डीएनए रिपोर्ट अब तक नहीं आ पाई है। इससे बच्ची अपनों से दूर रहने को मजबूर है। बच्ची की मां बच्ची को लेने के लिए तीन बार कोर्ट में याचिका लगा चुकी है, लेकिन डीएनए रिपोर्ट न आने के कारण पुलिस बच्ची को उसकी मां को नहीं दे रही है। सीडब्ल्यूसी को भी इसी रिपोर्ट का इंतजार है, उसके बाद वह आगामी फैसला लेंगे कि बच्ची को बाल गृह भेजा जाए या उसकी मां को उसे सौंपा जाए।
इसी संबंध में नारी तू नारायणी उत्थान समिति की अध्यक्ष सविता आर्या ने एसपी को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि इसराना थाना क्षेत्र में 26 जुलाई 2023 को नवजात बच्ची के खरीद फरोख्त का मामला सामने आया था। इस मामले में इसराना थाना में मुकदमा दर्ज है। पिछले 99 दिन से बच्ची नागरिक अस्पताल की एनएससीयू वार्ड में भर्ती है। अपने मां बाप के होते हुए अनाथ का जीवन जी रही है। बच्ची फिलहाल स्वस्थ है। पुलिस की तरफ से बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाया गया था, जिसकी रिपोर्ट न आने के कारण बच्ची अस्पताल में ही दाखिल है। उन्होंने बताया कि नर्सरी विभाग में छोटे बच्चे भी दाखिल है, जिससे संक्रमित होने का खतरा है, इसलिए बच्ची की डीएनए रिपोर्ट जल्द मंगवा कर बच्ची को उसकी मां को दिलवाया जाए या फिर बाल गृह भेजा जाए।
इसराना क्षेत्र के पलड़ी गांव में एक दंपती ने नवजात बच्ची को एनसी मेडिकल कॉलेज इसराना में भर्ती कराया था, लेकिन मां की तरफ से बच्ची को दूध न पिलाने पर अस्पताल के स्टाफ को शक हुआ। इसी बीच एक महिला वहां पर पहुंची और झगड़ा करने लगी, जिसने बच्ची को दंपती को बेचने की बात कही। स्टाफ ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और बच्ची को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया था। बच्ची को बेचने वाली महिला उसकी मां नहीं बल्कि मौसी थी। अब बच्ची की मां अपनी बेटी को लेने के लिए कोर्ट में याचिका लगा रही है।
बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया गया था। इसकी रिपोर्ट जल्द मंगवाई जाएगी। मैं इस विषय को खुद गंभीरता से ले रहा हूं।
- बलराज, प्रभारी, थाना इसराना पुलिस।