पानीपत। दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की पानीपत शाखा ने जीएसटी वार्षिक रिटर्न और जीएसटी एमनेस्टी स्कीम विषय पर सेमिनार का आयोजन किया। होटल गोल्ड में ब्रांच चेयरमैन सीए जगदीश धमीजा की अध्यक्षता में यह आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में पानीपत सेंट्रल जीएसटी की सहायक आयुक्त रितु चौधरी मुख्यातिथि और इंफ्रागुरु प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक निदेशक बलजीत सिंह संधू ने विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे। मंच का संचालन सीए भूपेंद्र दीक्षित ने किया । सीए रविंद्र सिंह ने मेहमानों का फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया।
सेमिनार में मुख्य वक्ता सीए राजिंदर अरोड़ा और सीए अजय शर्मा रहे। सीए जगदीश धमीजा ने कहा कि दो करोड़ से ज्यादा की टर्नओवर होने पर हर जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारी को वार्षिक रिटर्न भरनी जरूरी होती है। जिसके लिए फॉर्म पांच और नौ करोड़ से ज्यादा टर्नओवर होने पर फॉर्म नौ और नौ सी दोनों भरना अनिवार्य है इसके लिए अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2024 है।
सीए राजिंदर अरोड़ा ने फॉर्म नौ और नौ सी में हुए बदलावों से सभी को अवगत कराया। सीए अजय शर्मा ने धारा 73 के अंतर्गत जीएसटी की डिमांड पर लगे ब्याज और जुर्माने की छूट के लिए एमनेस्टी स्कीम पर कहा कि ये स्कीम 2017 से 2020 तक के वित्तीय वर्ष के लिए लागू होगी। इसके लिए एक जनवरी 2025 से फॉर्म भरे जाएंगे और उसके बाद तीन महीने के अंदर बकाया टैक्स की राशि भरकर ब्याज और जुर्माने से छुटकारा पाया जा सकता है।
रितु चौधरी ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हमेशा ही राष्ट्रहित में पार्टनर रहे है और सरकार की हर स्कीम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। बलजीत सिंह संधू ने गुरुग्राम में रियल एस्टेट सेक्टर में हो रहे बदलावों पर सभी मेंबर्स के साथ अपने विचार साझा किए।
इस मौके पर सीए संजय जैन, सीए हंसराज खुराना, सीए प्रदीप तायल, सीए शशिकांत चढ्ढा, सीए विमल गोयल, सीए अरुण मेहता, सीए मुकेश असीजा और तरुण वशिष्ठ समेत 100 से ज्यादा सदस्य मौजूद रहे।