फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: संक्रमण और मां का स्तनपान न कराना बच्चों में निमोनिया का बड़ा कारण

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

पानीपत। नवजात के लिए मां का दूध ही सर्वोत्तम आहार माना जाता है लेकिन आजकल नवजात को मां का दूध न पिलाकर बोतल से फीड कराया जा रहा है जो खतरनाक साबित हो रहा है। जो बच्चे मां का दूध नहीं पीते हैं वे जल्द संक्रमण से ग्रस्त हो रहे हैं जो निमोनिया का मुख्य कारण बन रहा है। वहीं बुजुर्गों में संक्रमण निमोनिया बिगड़ने का कारण बन रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन निमोनिया की 30 से 40 तक की ओपीडी हो रही है इसमें बच्चे व बुजुर्ग शामिल हैं।
नागरिक अस्पताल की प्रतिदिन 30 से 40 तक की ओपीडी निमोनिया के मरीजों की हो रही है जिसमें बच्चों समेत बुजुर्ग भी शामिल हैं। पीडियाट्रिशियन डॉ. निहारिका ने बताया कि ये संक्रमण उन बच्चों में जाता फैलता है जो मां के स्तनपान की अपेक्षा बोतल से दूध पीते हैं। इनमें प्री-मैच्योर डिलीवरी वाले बच्चे, खून की कमी वाले बच्चे शामिल होते हैं क्योंकि इन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है जो जल्दी ही संक्रमण से ग्रस्त हो जाते हैं। अस्पताल में इलाज में एंटीबायटिक्स और ऑक्सीजन की कमी होने पर ऑक्सीजन भी दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बुजुर्ग भी हो रहे निमोनिया से ग्रस्त



बदलते मौसम में बुजुर्ग भी निमोनिया से ग्रस्त हो रहे हैं। अस्पताल में बच्चों समेत बुजुर्गों की ओपीडी भी बढ़ने लगी है। मौसम बदलाव के समय शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता और जल्द संक्रमण से ग्रस्त हो जाता है। इसकी 50 वर्ष से ज्यादा की उम्र में संभावना बढ़ जाती है।
बच्चों में संक्रमण बढ़ने के कारण-
-बच्चे को बिना बोतल को साफ किए दूध पिलाना।
-बच्चे के आस-पास साफ-सफाई न रखना।
-मां द्वारा बच्चे को स्तनपान न करवाना।
मुख्य लक्षण-
- बहती या बंद नाक।
- तेज खांसी और बुखार।
- सांस लेते समय सी-सी की आवाज होना।
- छाती का रेस्पिरेटरी रेट का बढ़ना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें