गैस सिलिंडर की समीक्षा बैठक में जानकारी देते उपायुक्त डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया। स्रोत : सूचना
पानीपत। औद्योगिक इकाइयों को गैस मिलना शुरू हो गई है। करीब एक महीने बाद चिमनी तेज चली हैं। गैस न मिलने पर करीब 350 इकाइयां बंद हो गई थी। वहीं पीएनजी की भी 600 यूनिट तय कर दी थी। प्रशासन बुधवार को इसकी समीक्षा भी करेगा। इसमें उद्यमियों के साथ एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी। वहीं श्रमिकों के लिए पांच-पांच किलोग्राम के गैस सिलिंडर एजेंसी पर देना शुरू कर दिए हैं। प्रशासन 250 सिलिंडर के कोटे को बढ़वाने की तैयारी में लगा है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने मंगलवार को इसके लिए वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्त के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में डीएफएससी दिव्या विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने पांच किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर, एलपीजी और पीएनजी वितरण से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जिले में एलपीजी की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि पानीपत में टेक्सटाइल उद्योग की अधिकता के कारण गैस की मांग काफी अधिक है। उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। जिले को प्रतिदिन लगभग 250 एलपीजी सिलिंडर प्राप्त होते हैं। इनका वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है।
अस्पताल, विवाह-शादी, घरेलू उपयोग और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्राथमिकता पर दिया जाता है। बुधवार को इंडस्ट्री से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें व्यावहारिक समाधान और बेहतर समन्वय पर चर्चा की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जिले में एलपीजी व पीएनजी की उपलब्धता पर सतर्क हैं। उपायुक्त ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में इसकी आवश्यकताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उद्योगों को निरंतर गैस उपलब्ध कराने की जरूरत है। उद्यमियों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि गैस मिलने लगी है। इससे बंद पड़े उद्योग चलने लगे हैं। वे अपनी मांगों को प्रशासन के सामने प्रमुखता के साथ रखेंगे।
गैस सिलिंडर की समीक्षा बैठक में जानकारी देते उपायुक्त डाॅ. वीरेंद्र कुमार दहिया। स्रोत : सूचना