औद्योगिक सेक्टर का सूखा पड़ा रजवाहा। संवाद
पानीपत। पहले गैस और अब पानी की किल्लत टेक्सटाइल उद्योग पर भारी पड़ गई है। पश्चिमी यमुना लिंक नहर का पानी निर्माण कार्य के कारण बंद करने से करीब 300 डाई हाउस बंद हो गए हैं। इनको ट्यूबवेल का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। नहरी पानी मिलने में अभी एक सप्ताह का समय और लग सकता है।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा की अगुवाई में डाई उद्यमी सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिले हैं। टेक्सटाइल उद्योग की रीढ़ डाई हाउस हैं। सरकार ने 2002 में सेक्टर-29-पार्ट-टू डाई हाउस के लिए तैयार किया। इसमें करीब 600 डाई हाउस हैं।
डाई हाउस में पानी सिंचाई विभाग की ओर से पश्चिमी यमुना लिंक नहर से दिया जाता है। इस नहर का निर्माण कार्य चल रहा है। पिछले सप्ताह नहर का पानी मूनक से बंद कर दिया गया। इसका पानी दिल्ली पैरलल नहर में डायवर्ट किया गया है। ऐसे में डाई हाउस को पानी मिलना बंद हो गया। डाई हाउस पानी न मिलने से धीरे-धीरे बंद हो गए। अब करीब 300 डाई हाउस बंद हैं।
पानीपत डायर्स एसोसिएशन के पूर्व प्रधान भीम राणा ने बताया कि डाई हाउस पानीपत के उद्योग के चेन की पहली कड़ी है। यहां कच्चा माल रंगाई होने के बाद उद्योग तक पहुंचता है। इसके बाद ही आगे का कार्य शुरू होता है।
शोधित पानी की उठा चुके हैं मांग : डायर्स एसोसिएशन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का शोधित पानी लेने की मांग कई बार कर चुके हैं। वे स्थानीय अधिकारियों के साथ सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री तक अपनी मांग रख चुके हैं। उनको शोधित पानी अब तक नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में डाइंग उद्यमियों को पहले से मंजूरीशुदा अपने ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ता है। अब नए ट्यूबवेल लगाने की भी मंजूरी नहीं मिल पा रही है।