माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में कांवड़ मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसके बावजूद भी कांवड़ मार्ग पर भारी वाहन दौड़ रहे है।
रोहतक हाइवे पर शनिवार शाम को हुए हादसे के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, डीएसपी यातायात का कहना है कि अभी रोहतक हाइवे पर भारी वाहनों को अभी प्रतिबंधित नहीं किया गया था।
पानीपत जिले से होकर बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गुजरते है। चरखी दादरी, भिवानी, रोहतक और राजस्थान की जोन जाने वाले कांवड़ यात्री रोहतक हाइवे से होकर गुजरते है। हाइवे पर कांवड़ यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार शाम को बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री अपने गंतव्य की ओर बढ़े। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई थी। साथ ही जगह-जगह पुलिस भी तैनात की गई थी। लेकिन, रोहतक हाइवे पर अभी भी भारी वाहन धडल्ले से दौड़ रहे हैं। शनिवार शाम को ट्रेक्टर-ट्राली की चपेट में आकर दो कांवड़ यात्रियों की मौत होने से पुलिस के इंतजाम और दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
डीएसपी यातायात सुरेश सैनी ने बताया कि रोहतक हाइवे पर अभी भारी वाहनों को बंद नहीं किया गया था। संख्या बढ़ने पर भारी वाहनों को बंद करने का प्लान था। हाइवे पर जगह-जगह पुलिस तैनात हैं। वाहनों को एक लाइन से निकाला जा रहा है। भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों के संचालन को बंद किया जाएगा।
विशाल ने बताया कि जोनी भगवान शिव का बड़ा भक्त था। वह काफी समय से हरिद्वार से कांवड़ लाने की बात कहता था। इस बार उसी ने प्लान बनाया था। जिसके बाद वह सभी एक साथ कांवड़ लाने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे। 11 जुलाई को वह हरिद्वार पहुंच गए थे।