इसराना। धान के चालू सीजन में वीरवार को फसल अवशेष जलाने का पहला मामला सामने आया है। कुराना गांव में किसान रणधीर ने करीब दो एकड़ धान की फसल में खड़े अवशेष को जला दिया। कृषि विभाग विभाग की टीम हरसेक पोर्टल के मदद से लोकेशन पर जाकर जांच की। विभाग ने किसान के खिलाफ थाना मतलौडा पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया है और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं सरकारी योजनाओं के लिए भी आवेदन करने में भी ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
खंड कृषि अधिकारी शमशेर मलिक व सहायक तकनीकी अधिकारी ओमपाल मलिक ने बताया कि हरसेक पर कुराना गांव में फसल अवशेष जलाने की लोकेशन मिली थी। टीम ने मौके पर जांच की तो किसान रणधीर का खेत मिला। किसान पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं फील्ड मैन शमशेर सिंह ने पराली जलाने की शिकायत चौकी पुलिस उरलाना को शिकायत दी। पुलिस ने किसान रणधीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। किसान के रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की गई है। किसान अब दो साल तक एमएसपी पर अपनी कोई भी फसल नहीं बेच पाएगा और किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। कृषि विभाग के उप निदेशक डाॅ. आत्मा राम गोदारा ने कहा कि विभाग ने इस बार जिले में जीरो आगजनी का लक्ष्य रखा गया है। किसानों से अपील है कि खेतों में धान के अवशेष ना जलाए और धान की पराली की बेलर से गांठ बनवाए या रोटावेटर व सुपर सीडर से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं। विभाग द्वारा 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पर्यावरण संरक्षण में किसान भी अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।