जागरूकता रैली निकालते स्वास्थ्यकर्मी रवि और पूनम। स्रोत : विभाग
पानीपत। समालखा खंड के हथवाला गांव में लिंगानुपात में गिरावट चिंता का विषय बन गई है। गांव में प्रति 1000 बेटों पर केवल 700 बेटियां हैं। स्थिति में सुधार और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को विशेष अभियान चलाया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर, हथवाला में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई और जागरूकता रैली निकाली गई।
महिला स्वास्थ्यकर्मी पूनम ने बताया कि बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पीएनडीटी एक्ट की जानकारी देते हुए कहा कि लिंग जांच कराना और कराना दोनों ही कानूनी अपराध हैं, जिसमें सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। माता-पिता को बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं करना चाहिए। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना का उद्देश्य बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाना है।
स्वास्थ्यकर्मी रवि ने कहा कि समाज के समुचित विकास में बेटियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृशक्ति ही संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य करती है। इसलिए सभी को बेटियों की शिक्षा और उनके विकास में सहयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में सुनीता, रेखा शर्मा, पूजा सरोज, रेखा और सुदेश सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।