समालखा। नेशनल हाईवे पर स्थित ढाबा, होटल व पेट्रोल पंप के आगे संचालकों ने अवैध कट लगा रास्ते बना लिए हैं। जीटी रोड के नाले का आरसीसी स्लैब तोड़कर नियमों की अनदेखी कर बनाए गए रास्ते हादसे को आमंत्रित कर रहे हैं। हाईवे के जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ देखकर भी चुप्पी साधे हुए हैं।
एनएचएआई की ओर से जीटी रोड और सर्विस रोड के बीच बरसाती पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है। नाले की ऊंचाई रोड से अधिक है, जिसे सीमेंट स्लैब से नाला को कवर किया गया है। जीटी रोड पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही को लेकर सरकार ने करोड़ों रुपये की लागत से लोहे की ग्रिल लगाई है ताकि रोड के बीच ग्रिल व ड्रेन के होने से वाहन एक से दूसरे रोड पर नहीं आते हैं। लोग भी पैदल रोड पार करने से बचते हैं। जिससे जीटी रोड के दोनों तरफ ग्रिल होने से हाइवे किनारे बने ढाबो, होटल व पैट्रोल पंप का धंधा चौपट हो गया था।
अपने ग्राहकों की सुविधा के लिए सर्विस रोड किनारे के व्यवसायियों ने ग्रिल व स्लैब तोड़कर रास्ता खोलना शुरू कर दिया है, जबकि इस पर प्रतिबंध है। होटल व पेट्रोल पंप के सामने रास्ता खोलने का काम रात में अधिक होता है। जीटी रोड के पानीपत और दिल्ली लेन पर शहर से बाहर होते ही कई रास्ते खुले पडे हैं। कई जगहों पर तो ग्रिल ही गायब कर दी गई है। जिससे दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। एनएचएआई की ओर से हाईवे की सुरक्षा का जिम्मा निजी एजेंसी को सौंपा हुआ है। एजेंसी करोड़ों रुपये सुरक्षा और देखभाल के नाम पर सरकार से ऐंठ रही हैं। निजी एजेंसी के कारिंदे जीटी रोड पर गश्त करते हैं। बावजूद इसके सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस ओर उनका कोई ध्यान नहीं है। वे रास्ता खुला होने पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते हैं।
इस संदर्भ में हाईवे के अधिकारी पुनीत शर्मा का कहना है कि मामला अभी उसके संज्ञान में आया है। जल्दी ही कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाएगा। नियम विरुद्ध रास्ता खोलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।