52 साल के लंबे इंतजार के बाद सिविल अस्पताल में आईसीयू वार्ड की सुविधा मिलने जा रही है। मुख्यालय के निर्देशों पर सिविल अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के पास आईसीयू वार्ड तैयार कर लिया गया है। यहां पर वेंटिलेटर लगा दिए गए हैं। वार्ड में फिटिंग का काम भी पूरा हो चुका है। फिलहाल 12 बेड लगाए गए हैं। यहां पर 24 घंटे एक डॉक्टर, चार स्टाफ नर्स, दो वार्ड ब्वॉय और दो स्वीपर की ड्यूटी रहेगी। फिजिशयन वार्ड के इंचार्ज रहेंगे। जिनका चयन किया जा रहा है। अब मुख्यालय से आईसीयू वार्ड शुरू करने करने के लिए परमिशन का इंतजार है। इसके बाद स्टाफ की भर्ती भी की जाएगी। नवंबर माह के पहले सप्ताह में वार्ड में सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
प्रदेश में पानीपत सिविल अस्पताल जीटी रोड पर स्थित है, ऐसे में सड़क हादसों की अधिक संभावना को देखते हुए यहां आईसीयू जैसी सेवाएं होना जरूरी था। आईसीयू की सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को रोहतक पीजीआई, खानपुर मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जहां उनके लाखों रुपये खर्च हो जाते थे।
गर्भवतियों को रेफर करने के कारण
हिमोग्लोबिन की मात्रा 10 से भी कम हो तो उसे हाई रिस्क की श्रेणी में माना जाता है। इसी कारण एनिमिया ग्रस्त और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त औसतन तीन महिलाओं को खानपुर मेडिकल रेफर किया जाता है। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक न होना भी समस्या बना हुआ है। रेड क्रॉस से जो ब्लड मिलता है वो साधारण मिलता है। इसके अलावा गर्भवतियों का बीपी हाई होने पर भी तुरंत रेफर कर दिया जाता है।
दो महीने के अंदर ब्लड बैंक शुरू करने का प्रयास
सिविल अस्पताल प्रबंधन अगले दो महीने में अस्पताल के अंदर ही ब्लड बैंक शुरू करने का प्रयास भी कर रहा है। इसके लिए जगह निश्चित कर दी गई है। जल्द से जल्द नक्शा पास कराया जाएगा। इससे पहले ब्लड बैंक को लाइसेंस मिल चुका है।
सिविल सर्जन डॉक्टर संत लाल वर्मा ने बताया कि आईसीयू वार्ड एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। अब लोगों को निजी अस्पतालों में नहीं के दामों पर इलाज नहीं करवाना पड़ेगा।