पार्षद अंजलि शर्मा और उनके पिता एवं पूर्व पार्षद हरीश शर्मा ने बुधवार को मेयर और निगम आयुक्त पर वार्ड-3 के प्रकाश नगर में निगम की जमीन पर अवैध कब्जे कराने के आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। निगम आयुक्त के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। अवैध निर्माण की शिकायत लेकर जाने पर तीन घंटे तक इंतजार करने पर भी कार्रवाई नहीं होने पर पार्षद और पूर्व पार्षद भड़क गए। दोनों निगम आयुक्त के ऑफिस में पहुंचे और करीब आधे घंटे तक हंगामा किया। उन्होंने चेेतावनी दी कि अगर शाम तक अवैध निर्माण नहीं हटाए तो वे निगम कार्यालय में धरना दे देंगे।
वहीं, नगर निगम आयुक्त भी एक्शन मोड में नजर आए, उन्होंने कहा कि वे हर किसी की शिकायत सुनकर कार्रवाई करते हैं, लेकिन पार्षद और पिता ने उनके साथ गलत व्यवहार किया है। अगर भविष्य में उनके साथ बदतमीजी की या हंगामा खड़ा कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की तो वे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। हालांकि निगम आयुक्त ने निगम टीम को मौके पर भेजा और अवैध निर्माण को गिराने के आदेश दिए, जिसके बाद तुरंत प्रभाव से निगम टीम ने कार्रवाई कर अवैध निर्माण गिराया।
मेयर की मर्जी से हुआ निगम की जमीन पर कब्जा : पार्षद
पार्षद अंजलि शर्मा ने मेयर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी शह पर शहर में निगम की जमीनों पर अवैध निर्माण हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी निगम अधिकारी जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते है। इसके पीछे मेयर अवनीत कौर और आयुक्त का हाथ है।
मेयर ने जेई को निर्माण न रोकने के दिए थे आदेश : पूर्व पार्षद
पूर्व पार्षद एवं पार्षद अंजलि के पिता हरीश शर्मा ने बताया कि उन्होंने निगम की जमीन पर हुए अवैध निर्माण को गिराने की शिकायत निगम को दी थी। जेई ने मंगलवार शाम को मौके का मुआयना भी किया। तभी जेई के पास मेयर ने कॉल कर कार्रवाई को रुकवा दिया। फिर से शिकायत दी गई, लेकिन आयुक्त ने आश्वासन दिया, लेकिन कार्रवाई का आदेश नहीं।
तीन घंटे इंतजार के बाद हुआ हंगामा
जनप्रतिनिधि ने आरोप लगाए कि वे सुबह दस से दोपहर एक बजे तक निगम कार्यालय में शिकायत लेकर बैठे रहे, लेकिन निगम अधिकारी कार्रवाई नहीं करना चाहते थे। जेई, एक्सईएन, चीफ इंजिनियर, कमिश्नर को शिकायत दी गई। सुनवाई नहीं होने पर आवाज सुनाने के लिए चिल्लाने की आवश्यकता पड़ी।
जब मामले के बारे में पता चला तो निगम आयुक्त को फोन पर पूरी जानकारी मांगी गई। इसके बाद अवैध निर्माण को गिराने के लिए आयुक्त को निर्देश दिए गए। अगर आयुक्त के साथ मिलीभगत होती तो अवैध निर्माण को गिराया नहीं जाता।
- अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
पार्षद अंजलि शर्मा व उनके पिता ने निगम कार्यालय पहुंच कर अशोभनीय बर्ताव किया है। ये हर तीसरे दिन किसी न किसी मुद्दे को लेकर हंगामा करते ही रहते हैं।
-सुशील कुमार, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।