हैदराबाद की एक कंपनी ने हिटलर-711 नाम से धान की किस्म तैयार की है। हालांकि हरियाणा में अभी ये उपलब्ध नहीं है लेकिन यूपी, बिहार में इसकी रोपाई हो रही है। किसानों के अनुसार, जब कृषि विभाग व कृषि विशेषज्ञ इसकी गुणवत्ता, पैदावार बारे पुष्टि कर देंगे और बाजार में इसकी उपलब्धता होगी तो ही रोपाई पर विचार किया जा सकता है।
किसान धन रोपाई या बिजाई व विभिन्न किस्मों को लेकर असमंजस में रहते हैं। सीजन के अनुसार बाजार में तरह-तरह की किस्में आनी शुरू हो जाती हैं। हालांकि हरियाणा में बासमती, पी-आर की विभिन्न किस्मों को तवज्जो दी जाती है। धान की विभिन्न किस्मों के बीजों की अपनी-अपनी खासियत होती है। इन दिनों धान की एक किस्म अपने नाम की वजह से चर्चा में है।
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हिटलर-711 किस्म का धान का बीज अपने नाम की वजह से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह हैदराबाद की एक कंपनी द्वारा तैयार की गई एक हाइब्रिड किस्म है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हिटलर धान 125 से 130 दिन में पकने वाली प्रजाति है। हालांकि पानीपत जिले के किसानों समेत प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में धान की नई किस्म को फिलहाल तवज्जो नहीं दी गई है, लेकिन यूपी, बिहार के किसान इस साल इसकी रोपाई की तैयारी कर रहे हैं।
हिटलर-711 धान की प्रजाति बौनी बताई जा रही है, जिसकी वजह से यह धान गिरता नहीं है। इसका पौधा 190 सेमी लंबा होता है। दावा किया जा रहा है कि हिटलर-711 किस्म धान की पैदावार प्रति एकड़ लगभग 18 क्विंटल होती है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इसका चावल पतला है और यह खाने में स्वादिष्ट है। हाइब्रिड धान हिटलर-711 का स्वाद देसी धान जैसा बताया जा रहा है।
किसानों की क्या है राय
धान की नई किस्म हिटलर-711 का नाम तो सुना है, लेकिन यह अभी बाजार में उपलब्ध नहीं है। इस धान की किस्म, गुणवत्ता, पैदावार, मौसम का प्रभाव, बीमारी की आशंका, डिमांड जैसे विषयों की जानकारी नहीं है। बिना जानकारी के नई किस्म का उगाना उचित नहीं होगा। इसलिए क्षेत्र के किसानों द्वारा बासमती व पीआर किस्म की धान को ही प्राथमिकता दी जा रही है। -सुभाष चंद, किसान।
हिटलर-711 किस्म के धान के बारे में दूसरे स्रोतों से पता चला है। इसे हाइब्रिड धान बताया जा रहा है, लेकिन न तो यह अभी बाजार में उपलब्ध है, न ही इसकी गुणवत्ता का पता है। जब कृषि विभाग व कृषि विशेषज्ञ इसकी गुणवत्ता, पैदावार बारे पुष्टि कर देंगे और बाजार में इसकी उपलब्धता होगी। किसानों को मुनाफा देने वाली होगी, उसके बाद इस किस्म की धान रोपाई बारे विचार किया जा सकता है। -प्रदीप गाहल्याण, किसान।
हिटलर-711 धान की हाइब्रिड किस्म बताई जा रही है। इसका नाम सुना है, लेकिन इसके रिजल्ट के बारे में अभी पता नहीं है। हालांकि अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल जिलों के कुछ क्षेत्रों में हाइब्रिड धान की रोपाई की जाती है। पानीपत में बासमती व पीआर किस्म की धान को ही प्राथमिकता दी जा रही है। -डॉ. वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।