पानीपत। 55 साल बाद भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी खंडहर रूपी क्वार्टरों में रहने को मजबूर हैं। ये क्वार्टर वर्षों पहले कंडम घोषित किए जा चुके हैं। बरसात और तूफान में कई बार इन क्वार्टरों की दीवार ढह चुकी है। बरसात के दिनों में तो कर्मचारियों को छत के नीचे से बाहर आना पड़ता है। यहां 35 क्वार्टर बनाए गए थे। इन हालत को देखते हुए कर्मचारी इनको खाली भी कर रहे हैं। अब इनमें महज 10 कर्मचारियों का परिवार ही रहता है। वे भी अपने स्तर पर ही इन क्वार्टरों की मरम्मत कराते रहते हैं। सरकार ने 42 करोड़ रुपये सिविल अस्पताल की बिल्डिंग, 18 करोड़ रुपये एमसीएचसी विंग और अन्य प्रोजेक्टों पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन आवासों के प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल रही।
मरम्मत के टेंडर तक नहीं हुए-
यहां रहने वाले कर्मचारी बताते हैं कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उनके क्वार्टरों की हालत का पता है। आसपास जंगल का माहौल बना हुआ है। कभी भी सांप उनके क्वार्टरों में घुस जाते हैं। हर रोज क्वार्टरों के ढहने का खतरा बना रहता है। वो इसलिए यहां रहते हैं कि ड्यूटी पर समय पर जाया जा सके। 55 साल हो चुके हैं इन क्वार्टरों को बने। सालों पहले कंडम हो चुके हैं। अधिकारियों ने इन क्वार्टर की मरम्मत के टेंडर करना भी जरूरी नहीं समझा। इसलिए 25 कर्मचारी यहां से क्वार्टर खाली कर बाहर कॉलोनियों में जा चुके हैं। कोई रिश्तेदार क्वार्टर पर आता है तो उन्हें शर्म भी आती है।
दोबारा दोबारा प्रस्ताव भेजा गया है-
अब सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के आवास की प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है। सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने तीन वर्ष बाद दोबारा डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों के फ्लैट का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव के अनुसार सिविल सर्जन एवं पीएमओ का बंगला और डॅक्टरों एवं स्टाफ नर्स के 55 फ्लैट बनाए जाएंगे। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए अस्पताल परिसर में भूमि की कमी आड़े आ सकती है, जिसके विकल्प तलाश किए जा रहे हैं। सिविल सर्जन ने समालखा अस्पताल के इंचार्ज से भी वहां के डॉक्टरों के लिए फ्लैट का प्रस्ताव मांगा है। इससे पहले नवंबर 2018 में भी यह प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली थी।
मुख्यालय में पता करेंगे प्रस्ताव की प्रोग्रेस रिपोर्ट : सिविल सर्जन
55 फ्लैट का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। उनका प्रयास है कि डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों को यहीं पर फ्लैट मिले। वो मुख्यालय में पता करेंगे कि प्रस्ताव की प्रोग्रेस रिपोर्ट क्या है।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन