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Panipat News: पानीपत में रहने वाले हिंदू परिवार को जाना होगा वापस पाकिस्तान

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पानीपत। पानीपत में लंबे समय से रह रही पाकिस्तानी हिंदू महिला और उसके दो बच्चों को वापस पाकिस्तान जाना होगा। सरकार के निर्देश पर प्रशासन की ओर से इन सबको पाकिस्तान जाने के लिए कहा गया है। अगर वे नहीं जाते हैं तो पुलिस प्रशासन सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई करेगा। वहीं परिवार का मुखिया नंदलाल और उसका परिवार भारत में ही रहने की अनुमति के लिए सोमवार को जिला सचिवालय पहुंचा। परिवार का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें बिना फरियाद लगाए वापस आना पड़ा।
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पानीपत चढ़ाऊ मोहल्ला के नंदलाल ने बताया वह पंजाब प्रांत के डेरागाजी खान जिला के बोहवा गांव में रहते थे। बाबरी मस्जिद प्रकरण के बाद पाकिस्तान में हिंदू परिवारों पर अन्याय शुरू कर दिया था तो उसके पिता मदनलाल परिवार समेत 1992 में पानीपत आ गए थे। वह 2001 में पत्नी और बेटे राहुल को लेकर पानीपत आया। यहां जुलाई 2006 में उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। बेटी वर्षा ने अब 12वीं तक की पढ़ाई कर ली है और भारत का पासपोर्ट बनवा लिया है। अब उसने भारत की नागरिकता के लिए आवेदन किया है। इसके लिए पाकिस्तान का आधार कार्ड मांगा गया। वे 2008 में पाकिस्तान गए तो वाघा बॉर्डर पर उसकी बेटी वर्षा का पासपोर्ट ले लिया। वे वापस आए तो उन्हें पासपोर्ट वापस नहीं मिला और उनको पाकिस्तान का पासपोर्ट बनवाना पड़ा। उन्होंने भारतीय नागरिकता के लिए फिर से आवेदन किया तो उसकी मां नेकी देवी, बहन संगीता, बड़े भाई अर्जुन व छोटे भाई दर्शन को 20 जुलाई 2009 को नागरिकता मिल गई। वहीं उसको उसकी दूसरी बहन पिंकी, छोटे भाई पंकज को 2017 में भारतीय नागरिकता मिल गई लेकिन उसकी पत्नी सुमित्रा, बेटी वर्षा और बेटे राहुल को अब तक नागरिकता नहीं मिल पाई है।
परिवार के सदस्यों की परेशानी बढ़ी
नंदलाल का 20 सदस्यों का परिवार पानीपत में रह रहा है। इनमें से तीन को नागरिकता नहीं मिल पाई है। पहलगाम में हमले के बाद सरकार ने भारत रहने वाले पाकिस्तान के लोगों को वापस जाने की कही है। पानीपत में एक परिवार के तीन सदस्य हैं। इनको हिंदू परिवार होने से छूट मिलने की उम्मीद थी। नंदलाल इसके लिए सोमवार को जिला सचिवालय पहुंचे। उनको यहां कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ऐसे में परिवार के सदस्यों की परेशानी बढ़ गई है।
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वर्जन :
पाकिस्तान के लोगों को अब तक वापस चले जाना चाहिए था। वे नहीं गए हैं तो
मौका मुआयना किया जाएगा। पुलिस को बोलकर उनको वापस भेजा जाएगा।

डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
वर्जन :
पाकिस्तान से आकर रहने वाले परिवार के सदस्यों को वापस भेजने के लिए अब किसी प्रकार का निर्देश नहीं मिला है। सरकार या प्रशासन से कोई निर्देश मिलते हैं तो आदेशानुसार उचित कदम उठाया जाएगा।
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लाेकेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक।
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