पानीपत। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों के साथ चिलचिलाती गर्मी में बेहाल है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1800 पार पहुंच चुकी है। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों की कुल ओपीडी 10 हजार पार हो चुकी है। सबसे अधिक मरीज डायरिया, हीट स्ट्रोक, पेट दर्द, डी हाईड्रेशन व बुखार के पहुंच रहे हैं। गर्मी में चमड़ी व नेत्र रोगी भी बढ़ रहे हैं। सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1810 रही। दूसरी ओर अब जिले में डेंगू व मलेरिया का भी खतरा बढ़ रहा है। जिले में दो साल बाद मलेरिया का पहला केस मिल चुका है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रही हैं। लार्वा को नष्ट कर रहा है। बुखार के रोगियों की स्लाइड तैयार की जा रही हैं।
जिला नागरिक में अस्पताल में हर रोज डायरिया की ओपीडी 40 से अधिक पहुंच गई है। इनके अलावा इमरजेंसी वार्ड में भी प्रतिदिन डायरिया के पांच- छह मरीज आ रहे हैं। मई में अब तक डायरिया के संदिग्ध 500 से अधिक मरीज आ चुके हैं। इनमें अधिकतर की उम्र 14 साल से कम है। डायरिया का मुख्य कारण दूषित जल भी है। शहर की बाहरी कॉलोनियों में डायरिया के मरीज अधिक मिल रहे हैं। लोग बाहरी खाने से डायरिया से ग्रस्त हो रहे हैं।
इमरजेंसी मेडिसिन डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि गर्मी में अक्सर डायरिया के केस बढ़ते हैं। अब हर इमरजेंसी वार्ड में डायरिया के पांच-छह से अधिक केस मिल रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। डायरिया का मुख्य कारण दूषित पानी का सेवन भी है। हमें इस मौसम में बाहर जाने से बचना चाहिए। इन्फेक्शन डायरिया के इलाज के साथ डी-हाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी होना) की स्थिति से बचने के लिए खूब पानी पिएं।
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डायरिया के लक्षण :
-उल्टी-दस्त होना।
-स्वभाव चिड़चिड़ा होना।
-कमजोरी महसूस होना।
-पल्स मंद होना। बीमारी से बचने के उपाय :
-डाक्टर से तुरंत परामर्श लें।
-उबला हुआ पानी ठंडा करके पिएं।
-खुले में बिकने वाली चीजें न खाएं।
-गन्ने का रस पीने से बचें।
-बासी भोजन बिल्कुल न खाएं।
-तेज धूप से बचाव करें।
-साफ-सफाई का ख्याल रखें।
-भोजन सेवन से पहले साबुन से हाथ धोएं।
-शरीर में पानी की कमी न होने दें।
-प्यास लगने पर ओआरएस का घोल पिएं।