कुरुक्षेत्र। तत्कालीन कांग्रेस सरकार की ओर से सन 1975 में लगाई गई इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की ओर से काला दिवस कार्यक्रम कुवि के आडिटोरियम में आयोजित किया गया। विशेष अतिथि पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने आप बीती सुनाते हुए बताया कि किस तरह से तत्कालीन इंदिरा गांधी की सरकार ने देश के बड़े नेताओं पर अत्याचार किया।
सत्ता में बने रहने की लालसा इस कदर उनमें बढ़ गई थी कि उन्होंने नेताओं को जेल में बंद कर दिया। इन नेताओं में जहां संघ के बड़े नेता शामिल थे, वहीं अकाली दल के शीर्ष नेताओं ने भी इस संताप को झेला। उन्होंने जेल में बंद रहने के दिनों का इतिहास सभी के समक्ष पेश किया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में जब नेताओं को जेल में बंद किया गया था, तो उन्हें भी जेल हुई और उनकी आयु बहुत कम थी, वे सबसे छोटे थे।
समागम में अतिथिगणों समेत इमरजेंसी का संताप झेलने वाले एवं उनके आश्रितों को प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा व अन्य मैंबर साहिबान ने श्री दरबार साहिब का मॉडल, बाबा बंदा सिंह बहादुर की तस्वीर एवं शॉल देकर सम्मानित किया। युवा नेता कंवरपाल सिंह टोहड़ा, पंजाब के पूर्व खजाना मंत्री परमिंदर सिंह डींडसा, 48 कोस तीर्थ मॉनिटरिंग कमेटी के चेयरमैन मदनमोहन छाबड़ा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डाॅ. डीडीएस संधू ने भी अपने-अपने विचार रखे। इस मौके पर पूर्व सांसद चौधरी ईश्वर सिंह के सुपुत्र चौधरी रणधीर सिंह, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के चेयरमैन महिंदर सिंह तंवर एडवोकेट, रछपाल सिंह रत्तक, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति सोमनाथ व रजिस्ट्रार वरिंदरपाल, समेत धर्म प्रचार चेयरमैन जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, वरिष्ठ उपप्रधान गुरमीत सिंह रामसरण कालका सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हरियाणा कमेटी के प्रधान जत्थेदार झींडा ने अतिथियों का जताया आभार
हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि इमरजेंसी की 50वीं वर्षगांठ को काला दिवस मनाने का उनका उद्देश्य केवल इस संताप को झेलने वालों का सम्मान करना था।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम हो श्री गुरु तेग बहादुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट: जत्थेदार दादूवाल
जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने अपने संबोधन में कहा कि इंदिरा गांधी की कोई भी देन देश को नहीं है। इसलिए सरकार को अब दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम बदल कर श्री गुरु तेग बहादुर साहिब अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट रख देना चाहिए। अपनी इस मांग के हक में जब सभागार में मौजूद संगत से जत्थेदार दादूवाल ने अपनी सहमति देने की बात कही, तो वहां मौजूद संगत ने बोले सो निहाल सत्श्री अकाल की गूंज के साथ अपनी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस बारे में हरियाणा कमेटी की ओर से एक पत्र भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा जाएगा।