कड़वे प्रवचनों के नाम से विख्यात राष्ट्रीय संत मुनि श्री तरुण सागर महाराज ने कहा कि लोग जब सुख आता है तो अटक जाते हैं और दुख आता है तो भटक जाते है। व्यक्ति के अटकने व भटकने का विषय गंभीर है।
वे शुक्रवार को जैन मंदिर, जैन मोहल्ला में आनंद यात्रा कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रभु से शिकायत मत करो प्रार्थना करो याचना और प्राथना मे फर्क है, जो प्रभु ने पाया है उससे मांगना प्राथना है जो प्रभु ने छोड़ा है उसे मांगना याचना है।
उन्होंने कहा एक शब्द को इधर से उधर करने से भाव बदल जाता है। नरक मे पाठशाला नहीं होती गधे की किस्मत मे फूलमाला नहीं होती, हर किसी किस्मत चंदबाल जैसी नहीं होतीद्घ मुनि के पास पूंजी नहीं होती औरतें गंजी नहीं होती।
उन्होंने कहा विदेशी अब शाकाहार अपना रहे हैं, लेकिन यहां के पास उनकी संस्कृति को अपना रहे हैं। उनको सबको एक दिन अपनी संस्कृति अपनानी पड़ेगी। उन्होंने कहा मेरा अपना कोई पता नहीं लोगों को उनकी जिन्दगी का असली पता बताता हूं आज आनंद यात्रा में लोगों से पूछा तीतर दो आगे दो पीछे लोगों ने चटपटे जवाब दिए 1,3,5,7 जवाब दिए। पूर्ण रूप से वातावरण आनंद मय हो गया।
प्रवक्ता मेहुल जैन ने बताया कि 15 मई को मुनि श्री जिनेंद्र वर्णी की जन्म जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। इस अवसर पर टोनी जैन, दीपक जैन, राजेश जैन, राजीव जैन, धीरज जैन, रूलिया राम जैन, दिनेश जैन, मेहुल जैन, धीरज जैन, अक्षय जैन मौजूद रहे।