पानीपत। महमूदपुर निवासी कालू की हत्या के आरोपी राहुल, विशाल और संजू को जीआरपी ने सोमवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। खास बात यह है कि पुलिस पहले इस मामले को हादसा मानकर चल रही थी। लेकिन, परिजन इसे हादसा मानने को तैयार नहीं थे। परिजनों ने नागरिक अस्पताल मेंप्रदर्शन भी किया था। साथ ही पहले ही दिन से वह राहुल पर शक जाहिर कर रहे थे।
महमूदपुर गांव के कालू का शव बाबरपुर मंडी रेलवे स्टेशन के पास चार मार्च को करीब 11 बजे मिला था। ट्रेन के चालक ने बाबरपुर मंडी रेलवे स्टेशन पर इसकी सूचना दी थी। उस समय जीआरपी ने अज्ञात में ही शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया था। वहीं, उसी दिन से कालू के परिजन उसकी तलाश कर रहे थे।
पांच छह मार्च को जब वह बाबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे तो उन्हें रेल लाइन पर एक शव मिलने की सूचना मिली थी। इसके बाद वह जीआरपी थाना पुलिस के साथ नागरिक अस्पताल में पहुंचे और शव की शिनाख्त कालू के रूप में की थी] लेकिन उस समय पुलिस इसे हादसा मानकर चल रही थी। लेकिन परिजनों ने शव ही हालत देखकर हत्या होने का शक जाहिर किया था।
परिजनों ने बताया था कि शव नग्न अवस्था में मिला था और शरीर पर सुएं के भी निशान थे। परिजनों राहुल पर घर से बुलाकर ले जाने के आरोप लगाए थे। साथ ही नागरिक अस्पताल में पहुंचकर प्रदर्शन भी किया था।
इसके बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई करने के का आश्वासन दिया था। पुलिस ने अब शक के आधार पर राहुल की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाली तो मामले से पर्दा उठता चला गया। इसके बाद हत्या की वारदात का खुलासा हुआ।