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ग्राउंड रिपोर्ट: टेक्सटाइल नगरी में नशा दे रहा काला पीलिया, युवा बना रहे चोर गिरोह

Sat, 11 Jun 2022 02:12 AM IST
भूपेंद्र सिंह संदीप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

आंध्र, यूपी, हिमाचल के तस्करों के लिए टेक्सटाइल नगरी में नशे का धंधा आसान होता जा रहा है। नशे की गिरफ्त में आए युवा चोर गिरोह बना रहे हैं। नशे के इंजेक्शन लगाने वाले युवा काला पीलिया के मरीज बन रहे हैं। एक साल में नशे के इंजेक्शन से तीन युवकों की मौत हो चुकी है। 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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हरियाणा की टेक्सटाइल नगरी पानीपत नशे के दलदल में फंसती जा रही है। युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश और उत्तर प्रदेश के मादक पदार्थ तस्करों के लिए टेक्सटाइल नगरी में नशा बेचना आसान हो गया है। यहां करीब चार लाख श्रमिक हैं। तस्कर इन्हीं को टारगेट बना रहे हैं। नशे के आदी युवा अपनी तलब मिटाने के लिए चोर गिरोह भी बना रहे हैं। पुलिस ने एक साल में ऐसे 50 से अधिक युवाओं को पकड़ा है, जिन्होंने नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी का रास्ता चुना। इनके गिरोह भी बन चुके हैं।

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पुलिस अधिकारियों ने मादक पदार्थ तस्करी रोकने के लिए एंटी नारकोटिक्स सेल बनाई है। इसे पिछले डेढ़ साल में कई बड़ी कामयाबी भी मिलीं। 17 माह में पुलिस ने 296 मादक पदार्थ तस्करों से 2603 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया। नशे के कारण पिछले पांच वर्षों में 20 गांवों के 100 से अधिक युवाओं की मौत हो चुकी है और जिले में नशे की जद में आकर युवाओं का जीवन बर्बाद हो रहा है। 

नशे के आदी युवा काला पीलिया के हो रहे शिकार
हेपेटाइटिस सी (काला पीलिया) के मरीज जिले में लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले साल सिविल अस्पताल में 2500 मरीज काला पीलिया से ठीक हुए। अब भी जिले में 320-350 मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बापौली और सनौली क्षेत्र से काला पीलिया के सबसे अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। इन क्षेत्रों में नशे के आदी लोग एक ही सूई से खुद को इंजेक्शन लगाते हैं। ये काला पीलिया का बड़ा कारण है।
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हिमाचल व आंध्रप्रदेश से लाकर तीन गुना पैसे कमा रहे तस्कर
सूत्रों के अकनुसार मादक पदार्थ तस्कर हिमाचल और आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से गांजा और सुल्फा लेकर आते हैं। यहां से वो 25 हजार रुपये किलोग्राम के हिसाब से सुल्फा लाते हैं यहां पर वो 80 हजार रुपये तक में बेचते हैं। युवा जल्द अमीर बनने के लिए इस राह पर चल रहे हैं। 

यमुना के रास्ते आ रहा नशा 
गांव राणा माजरा, राक्सेड़ा और गढ़ी बेसिक से करनाल, जींद, अंबाला और दिल्ली तक के लिए नशा तस्करी होती है। इन गांव के युवाओं को स्मैक की ऐसी लत है कि पूरे दिन यमुना नदी के किनारे जमा रहते हैं। यमुना नदी के पार उत्तर प्रदेश की सीमा शुरू होती है और वहीं से शुरू होता है नशा तस्करी का सारा खेल। यमुना पार से नशा तस्कर ट्यूब या नाव के सहारे इन गांवों में दाखिल होते हैं और नशा बेचकर वापस चले जाते हैं।

इन गांवों को नशा कर रहा बर्बाद
गांव डाहर, करहंस, राणा माजरा, बराना, गढ़ी बेसिक, सनौली खुर्द, सिवाह, राकसेड़ा, महमूदपुर व जलालपुर गांव नशे की सबसे अधिक गिरफ्त में है। राणा माजरा के 15 युवाओं की पिछले पांच साल में नशे की ओवरडोज से मौत हो चुकी है। गांव डाहर में पिछले 10 साल में नशे से 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन गांवों में सबसे अधिक स्मैक, सुल्फा और शराब का चलन है।

राणा माजरा में 25 प्रतिशत युवा नशे की गिरफ्त में
गांव राणा माजरा में 25 प्रतिशत तक युुुवा नशे की गिरफ्त में है, अब तक गांव से 15 युवा अपनी जान गवां चुके है। गांव में युवा सबसे ज्यादा स्मैक और गांजे का सेवन करते है। गांव की पहचान नाम से नहीं नशे से हो गई है। अब गांवों में युवाओं की शादी होना भी मुश्किल हो गया है।

गढ़ी बेसक और राणा माजरा के लोगों ने बनाई कमेटी
लगातार नशे के प्रचलन से ग्रामीणों ने सख्त कदम उठाया है। खुद से ही एक कमेटी बनाई है। जो कि नशा करने वाले युवाओं पर निगरानी रखती है और पहले काउंसिलिंग करती है लेकिन अगर कोई न माने तो उसके खिलाफ पुलिस को सूचना देती है।

आंकड़ों पर एक नजर

  • वर्ष     मामले     गिरफ्तारी
  • 2020     95      124
  • 2021     111     201
  • 2022     59      94


पुलिस विभाग के अनुसार कितना बरामद हुआ नशीला पदार्थ
        वर्ष        अफीम   चरस    चूरापोस्त   हेरोइन   गांजा      इंजेक्शन ड्रग

  • 2020   0.411   14.829 18.01   0.698    296.498
  • 2021   4.601   27.744 96.01   0.272  947.541      417
  • 2022   2.814   12.25    23.86   0.045 161.994       18

नोट. सभी आंकडे़ किलोग्राम में हैं।

नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए जिले में एंटी नारकोटिक्स प्रकोष्ठ बनाया गया है। इसके अलावा सीआईए यूनिट और थाने की पुलिस को अलर्ट किया गया है, जिसके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। नशे जैसी बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए जनता को पुलिस का सहयोग करना चाहिए। उनके आसपास कोई नशा तस्कर है तो उसकी सूचना पुलिस को दें। - एसपी शशांक कुमार सावन, पानीपत।

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