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‘सरकार’ ने की अरदास, श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को किया याद

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पानीपत। गुरु तेग बहादुर जी 400वें प्रकाश पर्व पर बुक को लौंच करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल,उपमुख्? - फोटो : Panipat
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पानीपत। सेक्टर-13-17 ग्राउंड में रविवार को श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश उत्सव के मौके पर हरियाणा और दूसरे प्रदेश से भी गणमान्य लोग एवं अतिथि पहुंचे। साथ ही श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाशोत्सव पर अरदास कर उनके बलिदान को याद किया। इनमें उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल, करनाल से सांसद संजय भाटिया, खेल मंत्री संदीप सिंह, बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर, नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल, इंद्री से विधायक रामकुमार कश्यप और घरौंडा से विधायक हरविंद्र कल्याण समेत कांग्रेस से कई विधायक रहे।
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उत्तराखंड के राज्यपाल बोले-जी आया नू
सरकार की ओर से गुरु तेग बहादुर जी के 400 वें प्रकाश पर्व को लेकर की गईं तैयारियां काबिल-ए-तारीफ हैं। गुरुओं का इतिहास अपने आप में प्रेरणा का स्त्रोत है। हम उनके बलिदान से बहुत कुछ सीख सकते हैं। इस उत्सव में आने वाले हर आदमी को आज गर्व महसूस हो रहा है। मैं इस अवसर पर सबको जी आया नू बोलता हूं।
-लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, राज्यपाल, उत्तराखंड
श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद रखें युवा : चौटाला
श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400 वां प्रकाश उत्सव ऐतिहासिक है। मैं देश के युवाओं से अपील करता हूं कि सभी गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद रखें । हमारे गुरुओं ने समाज की रक्षा और उत्थान के लिए काम किया है। देश एवं प्रदेश के सभी युवाओं को गुरुओं के बलिदान से सीख लेना चाहिए। इस उत्सव में समाज के सभी लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया है, जिससे ये क्षण हमेशा के लिए यादगार बन गया है।
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- दुष्यंत चौटाला, उप मुख्यमंत्री
आने वाली पीढ़ी त्याग-बलिदान से प्रेरणा ले : हुड्डा
आज पूरा देश गुरु तेग बहादुर जी का प्रकाश उत्सव मना रहा है। ये हमारे लिए गर्व की बात है। उनके बलिदान की वजह से ही आज हिंदुस्तान है, इसलिए उन्हें हिंद की चादर कहा जाता है। श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान एवं त्याग को हमें भूलना नहीं चाहिए और आने वाली पीढ़ियों को उनके इससे शिक्षा लेनी चाहिए।
- भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री
गुरु के बिना कोई काम सफल नहीं होता है : खेल मंत्री
गुरु के बिना कोई काम सफल नहीं होता है। ये गुरु साहिब का ही काम है। यह 400 वां प्रकाश पर्व है। यही कारण है कि सभी एकजुट होकर सेवा भाव से लगे हुए हैं। श्री गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर समाज के सभी वर्गों ने एकता का परिचय दिया है। भारत सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर 400 रुपये के सिक्के और स्टांप जारी किए हैं, यह सिख समाज के लिए गर्व की बात है।
- संदीप सिंह, खेल मंत्री
गुरु की कुर्बानी का पूरा देश कर्जदार : सांसद
हर व्यक्ति के अलग-अलग शौक होते हैं। मुझे श्री गुरु तेग बहादुर जी के भजन सुनने का शौक है। हम गुरु के बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे, जो कुर्बानी उन्होंने दी है, उसका पूरा देश कर्जदार है। वाहे गुरु मेहरा वालिया.... हौसला बनाए रखी... सच्चे बादशाह के भजन सुनाए।
- सुनीता दुग्गल, सांसद, सिरसा
सौभाग्य है कि प्रकाश उत्सव मनाने का मौका मिला : शिक्षा मंत्री
जीवन के लिए सौभाग्य की बात है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400 वां प्रकाश उत्सव मनाने का मौका मिला है। परमात्मा के शुक्रगुजार हैं। श्री गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता के लिए अपना सर्वस्य बलिदान कर दिया। तभी पूरा देश उन्हें हिंद की चादर मानता है। हमें महापुरुषों के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए।
- कृष्ण पाल गुज्जर, शिक्षा मंत्री
आज तक नहीं देखा ऐसा समागम : बिजली मंत्री
आज तक मैंने अपने जीवन में ऐसा धार्मिक समागम नहीं देखा था। इसमें शामिल होकर गर्व महसूस हो रहा है। गुरु तेग बहादुर के बलिदान की जानकारी सभी को होनी चाहिए। उनके बलिदान की बदौलत ही आज देश कायम है। उनकी कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता है।
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- रणजीत सिंह चौटाला, बिजली मंत्री
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