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Panipat News: शहर में पली बढ़ी लड़कियों को रास नहीं आ रही गांव की ससुराल

Tue, 04 Nov 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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पानीपत। गांव भले की सुविधाओं के मामलों में शहरों से आगे निकल रहे हो। लेकिन शहर की आबोहवा में पली बढ़ी लड़कियों को गांव की ससुराल राह नहीं आ रही है। शहर से गांव पहुंचते ही पति-पत्नी का साथ जन्म तक साथ निभाने का वादा कमजोर पड़ने लगा। परिवार टूटने इस ऐसे मामले में भी सामने आ रहे हैं, जिनमें लड़की की शर्त है कि शहर में ही हना है। महिला संरक्षण अधिकारी ऐसे मामलों में कुछ परिवारों की काउंसिलिंग कर रही हैं।


हाल ह में महिला संरक्षण और बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय में एक ऐसा ही मामला आया। पानीपत के तहसील कैंप क्षेत्र की एक युवती की शादी भिवानी जिले में एक गांव में हुई थी। शादी के समय पति की दिल्ली की एक कंपनी में नौकरी थी और ससुराल वालों ने शादी के बाद दिल्ली में ही रहने की बात कही थी। शादी के बाद वह पति के साथ दिल्ली पहुंच गई। करीब दो साल वहां रहें। इसी बीच पति की नौकरी छूट गई। जिस कारण उन्हें दिल्ली छोड़कर गांव में आना पड़ा। लेकिन, पत्नी ने गांव में रहने से इंकार कर दिया और वह आने मायके आ गई। बात इतनी बढ़ी की महिला ने महिला संरक्षण अधिकारी के कार्यालय में प्रार्थनापत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
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बोली महिला-शादी के समय किया था वादा
सोमवार को महिला संरक्षण अधिकारी ने दोनों पक्षों को काउंसिलिंग के लिए बुलाया था। महिला का कहना है कि उनकी शादी के समय वादा किया गया था कि वह गांव में नहीं रहेगी। उस समय ससुरालियों ने शहर में रही रखने की बात कही थी। अब वह गांव में नहीं जाएगी। उधर, पति का कहना हे कि वह अपनी नौकरी तलाश रहा है। जैसे ही नौकरी मिलेगी तो वह शहर में शिफ्ट हो जाएगा। लेकिन अभी दोनों पक्ष अपने अपनी जिद पर अड़े हैं। इसी तरह से कई अन्य मामले भी कार्यालय में आए हैं। जिनमें शहर और गांव में रहने के विवाद में मामले तलाक तक पहुंच रहे हैं।
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वर्जन
उनके पास ऐसे मामले आ रहे हैं। जिनमें लड़की गांव में रहने को तैयार नहीं है। ऐसे मामलों में परिवारों की काउंसिलिंग कर परिवार को टूटने से बचाने का प्रयास किया जाता है।
-रजनी गुप्ता, महिला संरक्षण अधिकारी।
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