फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: सरेआम चल रहे जेनरेटर सेट, पाबंदी बेअसर

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। टेक्सटाइल नगरी का एक्यूआई पिछले पांच दिन से खतरनाक स्तर पर है। एक्यूआई मापने वाली एजेंसी पिछले पांच दिन से पानीपत का एक्यूआई नहीं दिखा रही है।
विज्ञापन

एजेंसी व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में मेंटेनेंस चार्ज को लेकर विवाद चल रहा है। निजी एजेंसी के अनुसार रविवार को हालांकि एयर क्वालिटी इंडेक्स कुछ गिरा है । रविवार को एक्यूआई 253 दर्ज किया गया है। यह ऑरेंज जोन में है। यह भी स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
दिल्ली में एक्यूआई रेड जोन में है। इसलिए ग्रैप का चौथा चरण प्रभावी रूप से लागू है लेकिन पानीपत में ग्रैप के चौथे चरण के अनुसार पाबंदियों पर काम नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

शहर के होटल के बाहर रखे जेनरेटर सरेआम चल रहे हैं। शहर की सड़कों पर भी पानी का छिड़काव नहीं रहा है। पूरे शहर में सरेआम निर्माण कार्य चल रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब तक यहां कार्रवाई नहीं की है। रविवार को हवा की रफ्तार महज आठ किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई है। तापमान में गिरावट आ रही है। हवा का दबाव बनने से धूल के कण ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। धुंए की परत बन रही है। इसलिए दमा रोगियों की मुश्किले भी बढ़ गई है। ह्दय रोगियों की भी सांस फूल रही है। दोबारा स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी बढ़ने लगी है। डॉक्टर गर्भवतियों को सुबह शाम सैर करने से बचने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि एक्यूआई के रेड जोन में होने से प्री मैच्योर डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है।
पानीपत के खराब एक्यूआई का मुख्य कारण औद्योगिक इकाइयां व शहर से गुजरने वाले एक लाख वाहन है। प्रशासन की ओर से यहां रूट भी डायवर्ट नहीं किए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि चौथे चरण की पाबंदियां गंभीरता से लागू हैं। टीमें फील्ड में काम कर रही है। होटल, शिक्षा संस्थानों व उद्योगों का निरीक्षण किया जा रहा है। यहां डीजी सेट चलते मिल रहे हैं उनको सील किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें