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जेल में महिला बंदियों को सुनाई जाएगी गीता, रामायण, महाभारत धारावाहिक भी दिखाया जाएगा : रेणू भाटिया

Fri, 13 Mar 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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महिला बंदियों से संवाद करती आयेग की चेयरपर्सन व अन्य अ​धिकारी। आयोग - फोटो : Samvad
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पानीपत। जेल मं बंद महिलाओं की मानसिक स्थिति को संतुलित रखने के लिए जेल में गीता सुनाई जाएगी। रामायण, महाभारत और जय श्रीकृष्ण जैसे धार्मिक धारावाहिक दिखा जाएंगे। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने जेल प्रशासन को इसके निर्देश दिए हैं। उन्होंने जेल में बंद 48 महिला बंदियों से बात की और उनकी आपबीती जानी। इनमें से 11 महिलाएं अपने पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। वहीं, कुछ महिलाएं दो से पांच हजार रुपये के लालच में नशा तस्करी करते हुए गिरफ्तार हुई।
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वीरवार को राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया शाम करीब चार बजे जिला जेल का निरीक्षण करने के लिए पहुंची। उन्होंने सबसे पहले जेल में महिला बंदियों से मिलने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया। बंदियों के मिलने वाली खाने की गुणवत्ता की जांच की। इसके बाद उन्होंने महिला बंदियों से बात की। चेयरपर्सन ने बताया कि वर्तमान में जेल में 48 महिलाएं बंद हैं। जिनमें से सात महिलाएं सजायाफ्ता हैं। इसके साथ ही जेल में 11 महिलाएं अपने पति की हत्या और साजिश के आरोप में बंद हैं। उन्होंने सभी महिलाओं से अलग-अलग बात की। चेयरपर्सन ने कहा कि वह लिव इन के पूरी तरह से खिलाफ हैं। लिव इन में रहने के लिए महिलाएं हत्या जैसी वारदात को भी अंजाम दे देती हैं। उन्होंने इसे सामाजिक बुराई बताया।
इसके साथ ही उन्होंने नशा तस्करी के आरोप में जेल में बंद महिलाओं से भी बात की। उन्होंने बताया कि नशा तस्करी में 50 साल से अधिक उम्र की महिलाएं अधिक है। दो से पांच हजार रुपये के लालच में नशीले पदार्थ की तस्करी करती हैं। जो छोटे बच्चों को अपने साथ रख लेती हैं जिससे किसी को शक न हो। इस मौके पर जेल अधीक्षक संजीव कुमार, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता भी मौजूद रहीं।
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महिला बंदियों को कौशल विकास से जोड़ें
रेणू भाटिया ने जेल की रसोई का निरीक्षण किया और खुद खाना खाकर गुणवत्ता की जांच की, इसके बाद उन्होंने कहा कि जेल का उद्देश्य केवल सजा देना बल्कि बंदियों के जीवन में सुधार लाना भी है। उन्होंने जेल प्रशासन के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि महिला बंदियों को कौशल विकास से जोड़ा जाए। जिससे वह बाहर निकलकर समाज में सम्मान के साथ रह सकें।
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महिला बंदियों से संवाद करती आयेग की चेयरपर्सन व अन्य अधिकारी। आयोग- फोटो : Samvad

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