पानीपत। जैसे ही जेबीएम का मासिक बजट डेढ़ करोड़ रुपये से घटकर करीब 50 लाख रुपये हुआ, वैसे ही कंपनी ने शहर की सफाई के काम से हाथ खींचना शुरू कर दिया है। यहां तक कि जिन पार्षदों की कमेटी को निगम सदन की बैठक में जेबीएम का विकल्प तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी, वे भी जेबीएम के काम से परेशान हैं। जेबीएम का दावा है कि उन्होंने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और सेकेंडरी प्वाइंट पर करीब 224 संसाधन लगाए हैं जबकि शहर से कूड़ा उठाने के लिए
160 संसाधन लगाए हैं। इनमें छोटे- बड़े ट्रैक्टरों से लेकर टाटा ऐस एवं रिक्शा जैसे तमाम संसाधन शामिल हैं जबकि धरातल पर भी जेबीएम के संसाधन पूरे नहीं हैं। जेबीएम के संसाधनों और काम का खुलासा खुद कमेटी के पार्षदों ने किया है।
कमेटी के पार्षदों ने माना है कि न तो जेबीएम के पास पूरे संसाधन हैं, न जेबीएम डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम कर पा रही है। इतना ही नहीं इनके संसाधनों में जीपीएस सिस्टम इनेबल हैं, जिसे लेकर कमेटी पूरी रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसके आधार पर जेेबीएम के खिलाफ सरकार को प्रस्ताव भेजकर कंपनी पर जुर्माना लगाने की सिफारिश तक की जाएगी। उन्होंने बताया कि कमेटी के मुखिया यानी सीनियर डिप्टी मेयर के शहर में मौजूद न होने की वजह से अब तक पूरी रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है लेकिन जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।
जेबीएम ने कागजों में दिखाए ये संसाधन
जेबीएम ने निगम को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कुल 160 संसाधन दिखाए हैं। इनमें छोटे-बड़े ट्रैक्टर, टाटा ऐस व रिक्शा तक शामिल हैं जबकि जेबीएम पदाधिकारियों का दावा है कि उनके 224 संसाधन फील्ड में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के साथ सेंकेंडरी प्वाइंट पर कूड़ा उठाने का काम कर रहे हैँ। इनमें 57 टाटा ऐस, 106 रिक्शा, 11 छोटे ट्रैक्टर, 36 बड़े ट्रैक्टर, चार जेसीबी, चार डोजर, एक रोबोट, तीन हाइवा, एक पोकलेन और एक चेन डोजर शामिल है। जबकि कमेटी का कहना है कि दूसरे वार्डों की तो बात दूर उनके खुद के वार्डों में संसाधन नहीं है।
सभी काम अधूरे, लगवाएंगे जुर्माना
जेेबीएम के सभी काम अधूरे हैं। वाहन अधूरे हैं, काम अधूरा है, यहां तक कि किसी भी वाहन को जीपीएस से नहीं जोड़ा गया है। दूसरे वार्डों की तो दूर खुद मेरे वार्ड में कागजों में चार संसाधन हैं लेकिन धरातल पर सिर्फ तीन हैं। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जेेबीएम को जुर्माना लगवाया जाएगा। -संजीव दहिया, पार्षद, वार्ड नंबर 21
डोर टू डोर तक नहीं पूरा
जेबीएम के संसाधन तो दूर की बात है, जेबीएम अपना काम तक पूरा नहीं कर रही है। जेबीएम कई साल से दावा कर रही है कि उनका डोर टू डोर का काम पूरा है लेकिन ये काम आज तक अधूरा है। जेबीएम अपने काम पूरा होने के बाद ही लोगों की पर्ची काट सकती है लेकिन कंपनी अभी से ये पर्चियां काट रही है। -रविंद्र भाटिया, पार्षद, वार्ड नंबर दस
जेबीएम नहीं कर रही काम है सत्य
ये बात सत्य है कि जेबीएम अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ नहीं कर रही है। चंडीगढ़ चुनाव में व्यस्तता के चलते अभी रिपोर्ट तैयार नहीं हुई है। चुनाव के बाद 24 दिसंबर को कमेटी की आवश्यक बैठक बुलाकर इस पर निर्णय लिया जाएगा। जेबीएम के काम की सूचना प्रदेश संगठन व सरकार को भी दी जा चुकी है। -दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, पानीपत।