पानीपत। देश प्रदेश सहित जिले में मंगलवार को भगवान गणपति का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारी जोर-शोर से चल रही हैं। 10 से 12 दिन चलने वाले इस उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। हिंदू संस्कृति में किसी भी कार्य की सफलता के लिए सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है। गणेश के पूजन से भक्तों को सुख, समृद्धि और यश की प्राप्ति होती है। भगवान गजानन जन्मदिन पर श्रीगणेश चतुर्थी पर्व पर मूषक पर सवार गणपति रिद्धि-सिद्धि के साथ घर-घर विराजेंगे।
इस अवसर पर शहर के प्रमुख मंदिरों श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, श्री अवध धाम मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, श्री देवी मंदिर, राधा रमण मंदिर, गीता मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, कांशी गिरी मंदिर समेत शहर के प्रमुख मंदिरों में गणेश जन्मोत्सव की धूम रहेगी और भगवान गणपति का दूब व मोदक से पूजन होगा। मंदिरों में गणेश चतुर्थी से लेकर 28 सितंबर को गणपति विसर्जन तक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। श्री अवध धाम मंदिर से ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे महाराज ने बताया कि गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। हरियाणा सहित देश के समस्त हिस्सों में यह पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। घरों में गणेश जी को स्थापित किया जाता है और अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश जी की धूमधाम से विदाई की जाती है। गणेश को बुद्धि, विवेक, धन धान्य, रिद्धि-सिद्धि का कारक माना जाता है। मान्यता है कि गणेश जी को प्रसन्न करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति की स्थापना होती है।
भगवान गणेश को प्रिय हैं ये दो चीजें
गणेश जी को दूब घास (दूर्वा) प्रिय है। इसलिए दूब अर्पित करें, मोदक का भोग लगाएं, मोदक घर में बनाएं तो ज्यादा बेहतर होता है। पंचांग के अनुसार इस दिन के चौघड़िया को ध्यान में रखकर ही भगवान गणेश जी को घर पर स्थापित करें, क्योंकि इस अवधि में स्थिर और चर लग्न भी शुभ हैं।
स्थापना का शुभ समय
वृश्चिक स्थित लग्न सुबह 10:40 से 12:30 बजे तक
लाभामृत चौघड़िया दोपहर 12:15 से 2:00 बजे तक
शुभ चौघड़िया दोपहर 12:15 से 2 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 से a 12:40 बजे तक
राहुकाल त्याज्य अपराहन 3 बजे से 4:30 बजे तक
ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य पंडित राधे-राधे महाराज ने बताया कि गणेश चतुर्थी के दिन स्नान ध्यान करके गणपति के व्रत का संकल्प लें। दोपहर को गणपति की मूर्ति या फिर उनका चित्र लाल कपड़े के ऊपर रखें। गंगाजल छिड़कने के बाद उनका आह्वान करें, मंत्रोच्चारण करें। गणेश जी को जल, अक्षत, दूर्वा घास, लड्डू, पान, धूप अर्पित करें। गणेश जी के मंत्र ऊं गं गणपतये नमः का जाप करें और घी का दीपक जलाएं।
गणपति का चालीसा पाठ करने से पूरी होगी मनोकामना
गणेश उत्सव के 10 दिन गणपति बप्पा के भक्तों के लिए बेहद खास होते हैं। इस दौरान लोग गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के लिए पूजा और आरती करते हैं। इसके अलावा श्री गणेश चालीसा का पाठ भी करते हैं। मान्यता है कि गणेश चालीसा के पाठ से व्यक्ति के कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती हैं। साथ ही विघ्नहर्ता गणेश भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।