पानीपत। किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर उसका अपहरण करने के दोषी दोस्तों को शुक्रवार को अदालत ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश सुखदीप सिंह की अदालत ने दोनों पर 35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दोनों को छह माह की अतिरिक्त जेल भी काटनी होगी। इस मामले में शुक्रवार को साढ़े तीन साल बाद फैसला आया है।
एक कॉलोनी की 15 वर्षीय छात्रा 2017 में एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थी। इसी स्कूल में एक कॉलोनी निवासी संदीप पुत्र शिवकुमार भी पढ़ता था। संदीप मूल रूप से बिहार के जिले सिवान के गांव फतेहपुर का रहने वाला है। संदीप और कॉलोनी का ही सुरजीत पुत्र मदनलाल गहरे दोस्त थे। सुरजीत अपनी बाइक पर संदीप को स्कूल से लेने जाता था। इसी दौरान अप्रैल 2017 में सुरजीत की नौवीं कक्षा की छात्रा से जान पहचान हो गई थी। दोनों एक दूसरे से बात करने लगे। इस बारे में छात्रा के परिजनों को पता चला तो उन्होंने छात्रा के स्कूल आने पर प्रतिबंध लगा दिया था। सुरजीत ने छात्रों को बात करने के लिए एक मोबाइल भी दिया था। परिजनों ने छात्रा को मोबाइल पर बातें करते हुए भी पकड़ लिया था। छात्रा के परिजनों ने कई बार सुरजीत को समझाया भी था कि वह ऐसा न करें। 28 दिसंबर 2018 को छात्रा का पिता उसे अपने पैतृक गांव में लेकर जा रहा था। संदीप ने इसकी सूचना सुरजीत को दी। दोनों पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां पर जब छात्रा का पिता टिकट काउंटर पर पूछताछ कर रहा था। इसी दौरान सुरजीत छात्रा को बहला फुसलाकर अपने साथ बाइक पर बैठाकर ले गया। दोनों ने अपनी जानकार एक महिला के पास उसे छोड़ दिया था। इस बारे में छात्रा के पिता ने मॉडल टाउन थाना पुलिस को शिकायत दी थी। इसी शिकायत पर पुलिस ने एक जनवरी को संदीप को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सुरजीत को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई। मामले में साढ़े तीन साल से अधिक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश ने दोनों को पांच-पांच साल की कैद व 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।