एक युवक ने एक महिला समेत तीन लोगों पर अमेरिका भेजने, दस साल का वीजा लगवाने और अच्छी नौकरी दिलवाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। युवक ने इसकी शिकायत आईजी भारती अरोड़ा को दी थी। आईजी के निर्देशों पर इसराना थाना पुलिस ने मामले में आरोपियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में मोहित पुत्र सुरेंद्र निवासी खलीला माजरा ने बताया कि वह पेशे से किसान है। वह बीए पास है। जितेंद्र उसकी जान पहचान में था, जिसने उसे अमेरिका मे दस साल का वीजा व अच्छी नौकरी दिलवाने का विश्वास दिलाया। शुरुआत में तो उसने जितेंद्र पर विश्वास नहीं हुआ, परंतु जितेंद्र और गुरप्रीत ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। वहां पर कई तरह के विदेशी दस्तावेज दिखाकर उसे विश्वास दिलाने की कोशिश की। वह उनके झांसे में आ गया। 19 मार्च 2029 को आरोपी उसके गांव खलीला में आए और उसे अमेरिका भेजने, दस साल का वीजा लगवाने और अच्छी नौकरी लगवाने के लिये 20 लाख रुपये नकद मांगे, परंतु इतनी बङी रकम उनके पास न थी तो आरोपी जितेंद्र ने कहा कि आप शुरू मे उन्हें दस लाख रुपये नकद दे दो और बाकी के दस लाख रुपये अमेरिका पहुंचने के बाद दे देना। 27 मार्च को आरोपी जितेंद्र गाड़ी में उनके घर आया व उसे अपने साथ लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पर ले गया। उसे इकवाडोर की एयर टिकट देते हुये कहा कि वहां पर एजेंट मिलेगा, जो उसे आगे की टिकट का प्रबंध करके दे देगा। उसके पैसे भी उसने एजेंट को भेज दिए है। उसे धोखे से इक्वाडोर की फ्लाइट में बैठाकर वापस आ गया। आरोपी ने अपने एजेंट के माध्यम से उसे चार पांच दिन इक्वाडोर में रखने के बाद बस से कोलंबिया भेज दिया। जहां पर चार पांच दिन उसे भूखा प्यासा रखा गया तथा फिर समुंद्र के रास्ते कपुरगाना भेज दिया, जहां एजेंट ने उसके साथ मारपीट की और कहा कि बकाया दस लाख रुपये जितेंद्र व गुरप्रीत को दे दो, नहीं तो तुम जिंदा नहीं बचोगे। उसे कई दिन तक भूखा रखा गया व मारपीट की गई। जिसके कारण उसने मजबूर होकर अपने घर फोन किया। उसके पिता सुरेंद्र ने बकाया दस लाख रुपये जितेंद्र व गुरप्रीत को करनाल में देकर आए । बाद में एजेंट ने उससे पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज छीनकर उसे जंगल मे छोड़ दिया। लगातार जंगलों मे भूखे प्यासे घूमते रहा। जहा पर पनामा मिल्ट्री के जवानों ने उसे गिरफ्तार करके अपने देश से निकाल कर कोस्टारिका में छोड़ दिया । उसने एक मोबाइल फोन व सिम लेकर उपरोक्त आरोपी जितेंद्र को वीडियो काल की। जिसने उसने गाली गलौच कार जान से मारने की धमकी दी। एजेंट उससे 300 डालर छीनकर अन्य देश निकारागोआ में छोङ़ गया। जहां पर उसे सेना ने गिरफ्तार करके अगले देश होंडरस मे भेज दिया। यहां एक एजेंट ने रात के समय नदी पार करवा कर मैक्सिको में गलत तरीके से घुसा दिया । जहां से उसे मैक्सिको की पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल मे डाल दिया। वह लगभग एक महीना जेल मे रहा, जिसके बाद उसे रिहा किया गया। जेल से निकलकर आरोपी गुरप्रीत व जितेंद्र को वीडियो काल की । जिन्होंने उससे 70 हजार रुपये और मांगे। जिसके बाद एक एजेंट उसे दीवार के पार धकेल दिया, जहां कैलसिको पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल मे डाल दिया, वह करीब 6 महीने जेल में रहा। 30 जनवरी उसे जेल से रिहा करके भारत डिपोट कर दिया। उसने घर आकर परिजनों को आपबीती सुनाई। पुलिस ने मोहित की शिकायत पर जितेंद्र, सरिता निवासी जुंडला व गुरप्रीत निवासी सीएचडी सिटी करनाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।