पानीपत। ग्रैप का चौथा चरण हट गया है। अब दूसरा चरण लागू है। इसलिए पाबंदियां भी हट गई है। पाबंदियों के हटते ही सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इससे पर्यावरण फिर भी खराब हो रहा है। हवा में धूल के कणों की मात्रा भी एकाएक बढ़ी है। पिछले चार दिन से शहर का एक्यूआई यलो जोन में है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एक्यूआई मादप यंत्र खराब रहा। इसलिए सोमवार को एक्यूआई दर्ज नहीं किया जा सका है।
इस माह अब तक शहर का एक्यूआई नौ दिन यलो व छह दिन ग्रीन जोन में रहा है। अब गोहना रोड के फोरलेन का काम भी शुरू हो गया है। यहां धूल के गुबार उड़ रहे हैं। सरेआम कचरे में आग लगाई जा रही है। इसलिए पर्यावरण दोबारा खराब हो रहा है। प्रदूषण का असर कम हुआ तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप-4 को हटा दिया गया है, लेकिन ग्रैप-2 लागू है। अब ग्रैप-2 की पाबंदी भी पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। पाबंदी के बावजूद सख्ती कम होते ही अब कूड़े में आग लगाई जा रही हैं। सबसे अधिक गोहाना रोड पर पड़े कूड़े के ढ़ेरों में आग लगाई जा रही है। ग्रैप दो के तहत कूड़े के ढेर में आग नहीं लगाई जा सकती। अब ठंड बढ़ रही है। हवा की रफ्तार भी ज्यादा है इसलिए धूल के कण छट रहे हैं। दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 से पार हो गया था। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप समिति ने ग्रैप-4 के नियम लागू कर दिए थे। अब दिल्ली वायु गुणवत्ता सूचकांक 150 से नीचे है। जिसके बाद एनसीआर में ग्रैप-4 व 3 के पाबंदी हटा दी थी। हालांकि अभी भी ग्रैप-2 की पाबंदी लगाई है।
पिछले छह दिन का एक्यूआई-
15 दिसंबर- 131
14 दिसंबर- 120
13 दिसंबर- 106
12 दिसंबर- 125
11 दिसंबर- 68
10 दिसंबर- 89
-नोट: 16 दिसंबर को एक्यूआई मापक यंत्र खराब रहा।
वर्जन-
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि ग्रैप का चौथा चरण हट चुका है लेकिन ग्रैप का दूसरा चरण लागू है। कचरे में आग लगाने वालों पर नजर है। उन पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। अब निर्माण कार्यों से रोक हट गई है।