अधिकारियों की बैठक लेते एसडीमए मनदीप कुमार। स्रोत : सूचना विभाग
पानीपत। बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए जिले में बारिश से पहले सब तैयारी पूरी कर ली जाएगी। संबंधित विभागों को काम का जिम्मा दिया गया है। सिंचाई विभाग नहरों, ड्रेन और तालाब के पानी निकासी के प्रबंध करेगा। पीडब्ल्यूडी सड़क व पुल को मजबूत बनाएगा। इनके अलावा पशुपालक विभाग पशुओं और स्वास्थ्य विभाग बीमारियों के लिए अपनी तैयारी पूरी करेगा।
हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डीके बहरा ने बुधवार को उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर व्यापक समीक्षा बैठक की। इसमें संभावित बाढ़ से निपटने की रणनीति, संसाधनों की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर गहनता के साथ चर्चा की। उन्होंने किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने और राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न होने की बात कही।
एसडीएम मनदीप सिंह ने इसके बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि आपदा के समय लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर विभाग को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी। सिंचाई विभाग को नहरों, ड्रेन और पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करेगा। पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने और राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग देगी। पीडब्ल्यूडी सड़कों और पुल की जांच कर वैकल्पिक मार्गों की पहचान करेगा। स्वास्थ्य विभाग को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में दवा, चिकित्सा सुविधाओं और मेडिकल टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। पशुपालन विभाग पशुओं के लिए चारा, टीकाकरण और सुरक्षित स्थानों की व्यवस्था करेगा। दमकल विभाग को भी हर स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी करनी होगी।
संवेदनशील और जलभराव के क्षेत्रों की सूची की जाएगी तैयार
एसडीएम मनदीप ने कहा कि यमुना के आसपास कई गांवों में हर वर्ष बाढ़ के दौरान हालात गंभीर हो जाते हैं। उन्होंने संवेदनशील और जलभराव के क्षेत्र की सूची तैयार कर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। मॉक ड्रिल की जाएं, इसके माध्यम विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और आपसी समन्वय की जांच की जाएगी। एसडीएम समालखा अमित कुमार ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए समय पर तैयारी, संसाधनों की उपलब्धता और विभागों के बीच बेहतर तालमेल होना जरूरी है। इस मौके पर डीआरओ क्लब लाकड़ा, डीएसपी सुरेश सैनी, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. श्रीभगवान, डीएफएससी दिव्या मौजूद रही।