फैक्टरी में लगा प्रदूषण मापक यंत्र। संवाद
- फोटो : samvad
पानीपत/समालखा। सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने प्रदूषण रोकने के लिए रविवार को छुट्टी के दिन बड़ी कार्रवाई की है। पांच टीमों ने पानीपत सहित समालखा की फैक्टरियों और दूसरी इंडस्ट्री की जांच की। इस दौरान समालखा की एक सहित दो फैक्टरी बंद मिली। बाकी में प्रदूषण मापक यंत्र पूरी तरह से संचालित करने के लिए सात दिन का समय दिया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पानीपत सहित दिल्ली एनसीआर की 204 फैक्टरियों को चिह्नित किया है। इनमें मेटल और टेक्सटाइल समेत दूसरी फैक्टरियां हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ओसीएमएस (ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम) और पीटीजेड कैमरों की जांच करनी है। जिला प्रशासन ने इसके लिए पांच टीमों का गठन किया है। इन टीमों को सेक्टर-25, 29, पुराना औद्योगिक, समालखा व बाहरी क्षेत्र दिया गया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक अभियंता हरिंदर गोयत ने टीम के साथ रविवार को समालखा में निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्टरी का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव नहीं मिला। हरिंदर गोयत ने बताया कि सीपीसीबी के अनुसार बॉयलर और स्टैक पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग उपकरण लगाना अनिवार्य है। इसमें मेटल, टेक्सटाइल और अन्य श्रेणी की इकाइयों को शामिल किया है।
फैक्टरी में लगा प्रदूषण मापक यंत्र। संवाद- फोटो : samvad