पानीपत। नियुक्ति के समय पांच नंबर अतिरिक्त पाने के लिए झूठा शपथपत्र देने पर एक फॉर्मासिस्ट को बर्खास्त कर दिया गया है। फॉर्मासिस्ट ने शपथपत्र में दावा किया था कि उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कार्रवाई की मांग की थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसएमओ ने फॉर्मासिस्ट को बर्खास्त कर दिया है। यह मामला नागरिक अस्पताल पानीपत का है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 में फॉर्मासिस्ट भर्ती किए गए थे। नियम के अनुसार जिसके परिवार में कोई नौकरी नहीं थी उन्हें साक्षात्कार में पांच नंबर अतिरिक्त दिए जा रहे थेे।
मूल रूप से जींद जिले की रहने वाली फॉर्मासिस्ट मीनाक्षी नैन ने भी शपथ पत्र देकर बताया था कि उसके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं है। जिस कारण उसे पांच अतिरिक्त नंबर देकर नियुक्ति दी गई थी। वर्ष 2022 में शिकायतकर्ता ने शपथपत्र झूठा होने की शिकायत की थी। विभाग की ओर से कार्रवाई न होने पर पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल थी। हाईकोर्ट ने शपथपत्र को झूठा मानते हुए फॉर्मासिस्ट बर्खास्त करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश मिलने के बाद महिला फॉर्मासिस्ट को बर्खास्त कर दिया है। उन्हें डयूटी से भी मुक्त कर दिया गया।