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दिल्ली के पांच ज्वेलर्स को बेचा था सोना

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जिले की सबसे बड़ी डकैती:
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दिल्ली के पांच ज्वेलर्स को बेचा था सोना
हेडलाइन:
सराफ बाजार वेबसाइट पर दिल्ली के पांच ज्वेलर्स को बेचा था 4.8 करोड़ का सोना
- आइआइएफएल गोल्ड लोन कंपनी से 4.8 करोड़ कीमत के 16 किलो सोने की डकैती में आरोपियों से 24 प्रतिशत की बरामदगी
- पुलिस ने 10 दिन रिमांड पर रखे सरगना समेत तीन आरोपी, 1.16 करोड़ बरामद, प्लाट, कार, सोने की कीमत भी इसी में शामिल
फोटो संख्या- 24 व 25
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। सनौली रोड पर भीम गौडा मंदिर के पास आईआईएफएल गोल्ड लोन कंपनी के ऑफिस में डाका डालकर लूटा गया सोना एक ऑनलाइन सराफ वेबसाइट के जरिए बेचा गया था। दिल्ली के पांच ज्वेलर्स ने यह सोना खरीदा था। ये पांचों ज्वेलर पुलिस की राडार पर हैं। शनिवार को पुलिस ने एक और प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि रिमांड अवधी के दौरान इमरान, बिजेंद्र और राजीव से 30 लाख रुपये की नगदी, लूटे गए सोने के जेवरात बेचकर पैसों से खरीदा गया 18 लाख रुपये कीमत का प्लाट, उसके दस्तावेज बरामद किए है। इसके अलावा एक आरोपी ने आठ लाख रुपये मकान की मरम्मत पर भी खर्चा कर रखा है, जिसके भी पुलिस ने दस्तावेज बरामद कर लिए है। शनिवार को कोर्ट में पेश कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। गौरतलब है कि 4.8 करोड़ की डकैती में पुलिस 1.16 करोड़ ही बरामद कर पाई है। जिसमें प्लाट, कार व बरामद सोने की कीमत भी शामिल है।
- यूपी और हरियाणा के ज्वैलर्स ने सोना खरीदने से कर दिया था इंकार
पांचों डकैतों ने छह माह तक सोने को बाहर नहीं निकाला। शहर छोड़कर यूपी चले गए। पुलिस की जांच धीमी पड़ने पर यूपी हरियाणा समेत कई ज्वेलर्स से मिले, लेकिन सभी ने उन्हें सोना खरीदने से मना कर दिया। फिर उन्होंने सराफ बाजार वेबसाइट पर अकाउंट बनाया और वहां से रोज सोने के दामों की जानकारी लेते रहे। जब सोने के दाम बढ़ गए तो उन्होंने साइट पर बेचने के लिए दिल्ली के करीब पांच सोना कारोबारियों से संपर्क किया, जिन्होंने सोना खरीद लिया।
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- अब तक इतनी हुई बरामदगी
डीएसपी वत्स ने बताया था कि दाउद से 12 लाख, सरगना इमरान से 14 लाख और 81.310 ग्राम गहने, बिजेंद्र से 15 लाख व स्विफ्ट कार, सन्नी से एक 1.25 लाख और राजीव से 10 लाख रुपये बरामद हुए है। कुल 52 लाख 25 हजार रुपये बरामद हुए हैं। जिसके बाद पुलिस ने दाउद और सन्नी को जेल भेज दिया। पांच दिन के रिमांड पर इमरान, बिजेंद्र और राजीव से पूछताछ के बाद इमरान से 11 लाख, बिजेंद्र से 11 लाख बरामद किए गए। बिजेंद्र ने 18 लाख कीमत का एक प्लाट खरीदा था और एक और मकान की मरम्मत में 8 लाख लगाए थे। राजीव से आठ लाख रुपये बरामद हुए है।
4.80 करोड़ कीमत के सोने में से मात्र 24 प्रतिशत बरामद, बाकि कहा?
डकैती का खुलासा होने के बावजूद भी एक सवाल बना हुआ है कि 2018 में हुई डकैती कंपनी के अधिकारियों ने दावा किया था कि उनके करीब चार करोड़ रुपये के गहने व 2.81 लाख रुपये चोरी हुए थे। वहीं पुलिस ने प्रेसवार्ता में बताया कि उस समय कुल 16 किलो सोना चोरी होना बताया। अगर 2018 में सोने की बाजार की कीमत के हिसाब से आंकलन लगाया जाए तो उस समय सोने की कीमत करीब 4.80 करोड़ रुपये थी और पुलिस 1.16 करोड़ रुपये बरामद कर पाई है, सवाल है कि बाकि गहने व पैसे कहां गए।
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सीआइए थ्री को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करने का पत्र-
डीएसपी सतीश वत्स ने बताया कि सीआइए थ्री टीम का काम काबिले तारीफ है, जिसके लिए उन्होंने डीसीपी को भी पत्र भेजा है और सीआइए थ्री को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित करने की अपील की है। वहीं आरोपियों को पकड़ने पर घोषित की दी दो लाख की इनाम राशी भी टीम को देने की अपील की है।
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