पानीपत/मतलौडा। जर, जोरू और जमीन के विवाद हमेशा खूनी साबित होते हैं। यही हाल रविवार को जिले के छिछड़ाना गांव में हुआ। एक समय सगे भाइयों सुभाष और रामचंद्र नानू का इकट्ठा परिवार था। इनके परिवार भी एक साथ रहते थे। परिवार की एकजुटता के चलते 20-25 साल पहले अहर चौक पर पांच एकड़ जमीन खरीदी। अब यही जमीन परिवार के अलगाव के साथ खून का कारण बनी। आरोपी ने पहले सुनील और फिर अनिल को चाकू मारे।
दरअसल सुभाष और रामचंद्र नानू चार भाई थे। इनके दो भाइयों की मौत हो गई थी। उनके बच्चे अपना अलग काम कर रहे हैं। सुभाष का इकलौता लड़का जयपाल परढ़ाना गांव स्थित एक कंपनी में काम करता है। इसके साथ अपना खेत भी संभालता है। रामचंद्र नानू के दोनों लड़के सुनील (35) और छोटा अनिल खेतीबाड़ी करते थे। रामचंद्र नानू और आरोपी पक्ष के बीच अहर चौक पर पांच एकड़ जमीन के बंटवारे पर पिछले लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस पर रविवार को पंचायत थी। सुभाष और रामचंद्र में पंचायत के दौरान तनातनी हो गई। सुभाष पंचायत छोड़कर अपने लड़के जयपाल के घर चला गया लेकिन होनी उसे खीच लाई। पंचायत के मौजिज लोग उनको वापस ले आए। यहां आते ही कुछ देर बाद फिर गर्मागर्मी हो गई। जयपाल ने चाकू निकालकर सुनील के पेट में घोंप दिया। एक के बाद एक तीन-चार वार किए। इससे सुनील की आंत बाहर आ गई। अनिल अपने भाई को बचाने के लिए आगे आया तो उसको भी दो-तीन चाकू मार दिए। पंचायत में बैठे लोग घबरा गए। गांव के एक युवक ने हिम्मत कर जयपाल को पकड़ा। इसके बाद जयपाल छुड़वा कर भाग गया।
बॉक्स
अहर चौक के पास पांच एकड़ जमीन बना कारण
अहर चौक के पास पांच एकड़ जमीन पहले रामचंद्र नानू के हिस्से में आई थी। वे इसमें खेती कर रहे हैं। अब अहर चौक पर बाजार बन गया है। ऐसे में जमीन की कीमत बढ़ गई है। सुभाष इस जमीन को बंटवारे की मांग करने लगा। रामचंद्र नानू पहले इससे मना करता रहा। वह फिर इसको राजी हो गया। रामचंद्र सड़क की तरफ अपना सारा हिस्सा मांगने लगा। रामचंद्र ने इससे मना कर दिया। इसी पर दोनों का विवाद था। दोनों के रिश्तेदार भी कई बार मध्यस्थता कर चुके थे।
बॉक्स
गांव में तनाव का माहौल बना, पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ
पंचायत में दो सगे भाइयों को चाकू मारने की घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। थाना मतलौडा और उरलाना चौकी पुलिस के कर्मचारी गांव में तैनात हैं। रामचंद्र के पक्ष का कहना है कि सुभाष के थाना व चौकी में संपर्क है। आरोप हैं कि उसने पंचायत में भी कहा था कि सारी पुलिस अपनी है। कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। रामचंद्र के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि सुनील के शव का रविवार को पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अधिकारी पूरे मामले को टालते रहे।
वर्जन :
पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई थी। थाना पुलिस के अलावा सीआईए की टीम आरोपियों की धरपकड़ में लगी हैं। पुलिस ने इसमें सुभाष, जयपाल और राजू पर हत्या की धारा में केस दर्ज कर लिया है। शव का सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
राजबीर सिंह, डीएसपी।