पानीपत। नगर निगम की वार्डबंदी एक महीने बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। पहले ग्रामीण व शहरी वार्ड अलग करने, फिर वार्डों की संख्या घटाकर 26 ही रखने और अब अनुसूचित जाति के वार्डों की संख्या घटाने के नए नोटिफिकेशन में उलझ गई है।
निगम के चुनाव जनवरी या फरवरी में कराने के कयास भी लगाए जा रहे हैं। इन सबके बीच वार्डबंदी न बन पाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अनुसूचित समाज के लोगों में वार्डों को घटाने पर रोष है। समाज के लोग मंगलवार खुलकर सामने आएंगे। वे केंद्रीय शहरी मंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और विधायक को ज्ञापन सौंपेंगे।
नगर निगम के चुनाव जनवरी से प्रस्तावित हैं। मेयर और पार्षदों का कार्यकाल खत्म होने के बाद सारी शक्तियां अधिकारियों के पास गई हैं। अधिकारी विकास कार्य करा रहे हैं। पहले लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव के चलते नगर निगम के चुनाव नहीं कराए जा सके। अब शहर की वार्डबंदी तय नहीं हो पाई है।