पानीपत। नगर निगम में ड्रेन नंबर-वन की सफाई के टेंडर में बड़ा घोटाला किया जा रहा था। एक्सईएन शीशा लगाने वाली एक कंपनी को सफाई का ठेका देने की तैयारी में थे। मामला सामने आने के बाद निगम आयुक्त ने जांच कराई तो प्रथम दृष्टया ही घोटाला उजागर हो गया।
निगम के एसई ने ठेकेदार द्वारा टेंडर में लगाई चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट और अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की तो ये तो फर्जी पाए गए। नगर निगम ड्रेन नंबर वन की सफाई की तैयारी कर रहा है। इसके लिए इस बार 35 लाख रुपये की लागत से सफाई कराई जानी है।
नगर निगम ने गत दिनों इसकी निविदा खोली थी। इसी दौरान सोनीपत की एक फर्म के मालिक ने इसकी शिकायत निगम आयुक्त व वरिष्ठ अधिकारियों को कर दी। यह शिकायत सोशल मीडिया ग्रुप में वायरल हुई। निगम आयुक्त ने मामले को देखते हुए वर्क ऑर्डर की प्रक्रिया पर रोक लगा दी और इसकी जांच निगम के एसई पुनीत को सौंपी। एसई पुनीत ने टेंडर से संबंधित कई पहलुओं की जांच की।
निगम के सीसीटीवी की करेंगे जांच : सफाई के टेंडर में घोटाला पकड़े जाने पर अब बाकी काम भी जांच के दायरे में है। अब नगर निगम कार्यालय में लगे सभी सीसीटीवी की जांच की जाएगी। इसमें संदिग्धों की पहचान की जाएगी। अगर काेई संदिग्ध एक्सईएन से मिला हाेगा ताे उसके मिलने का मूल कारण जाना जाएगा। जांच में एक्सईएन या अन्य काेई भी गलत मिलेगा ताे उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। इसके बाद निगम के दूसरे अधिकारियों व कर्मचारियों की भी चिंता बढ़ गई है।