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गरीबों को लोन में देने में धांधली की आशंका पर सीएम फ्लाइंग ने मारी रेड

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पानीपत। गरीबों को रोजगार के लिए लोन देने में धांधली बरतने की आशंका के चलते बृहस्पतिवार दोपहर बाद सीएम फ्लाइंग करनाल की टीम ने हरियाणा अनुसूचित जाति एवं विकास निगम के जिला कार्यालय पर छापामारी की। इस दौरान विभाग के अधिकारी कार्यालय से नदारद मिले और कार्यालय से रिकॉर्ड भी पूरा नहीं मिल पाया। हालांकि रेड के दौरान यह बात सामने आई कि जो लोन गरीबों को दिए जा रहे थे, उनके आवेदन काफी समय से लंबित थे। इसके बाद टीम ने मौजूदा रिकॉर्ड तलब किया और बाकी रिकॉर्ड लेने समेत अधिकारियों से बातचीत और बयान लेने के लिए शुक्रवार को फिर से आना तय किया। इस दौरान टीम ने सन 2019 से लेकर अक्तूबर 2022 तक का रिकार्ड लिया और बकाया को तैयार रखने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों को निर्देश दिए।
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सीएम फ्लाइंग की छापामारी से कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कर्मचारी अधिकारियों के सवालों के सही जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान टीम ने आवेदनकर्ताओं से भी बातचीत करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता मंडल करनाल की टीम ने बताया कि हरियाणा हरिजन कल्याण निगम की ओर से अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार के ऋण दिए जाते हैं। इस पर सरकार ने निर्धारित राशि पर सब्सिडी दी जाती है। उन्हें सूचना मिली है कि हरियाणा हरिजन कल्याण निगम पानीपत के कर्मचारी/अधिकारियों की ओर से ऋण के लिए प्राप्त आवेदन में विभिन्न खामियां निकालते हैं और सब्सिडी की राशि देने के लिए कमीशन के तौर पर पैसे ले लेते हैं। इस सूचना के आधार पर उन्होंने बृहस्पतिवार को हरियाणा हरिजन कल्याण निगम के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में सामने आया कि कार्यालय में कुल छह कर्मचारी अधिकारी हैं। जिला प्रबंधक सरोज कुमारी के पास कुरुक्षेत्र और कैथल का भी चार्ज है। वह बृहस्पतिवार को कुरुक्षेत्र गई थीं। इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी की सोनीपत चुनाव में ड्यूटी बताई गई। इसके बाद कार्यालय के रिकार्ड से वर्ष 2019 से अक्तूबर 2022 तक निगम की विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जाने वाले ऋण के संबंधित दस्तावेज, निर्धारित राशि, सब्सिडी की राशि, पात्रता की शर्तें, कुल प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन पत्र, अस्वीकृत आवेदन पत्र, लंबित आवेदन पत्र, अस्वीकृत किए जाने का कारण और ऋण वापस जमा न कराने वाले डिफाल्टर ऋणदाता से संबंधित रिकार्ड की जांच की गई। कार्यालय में कम कर्मचारियों की वजह से पूरा रिकार्ड नहीं मिला। इसलिए शुक्रवार को भी अन्य रिकार्ड लेने के लिए जांच की जाएगी। इस दौरान टीम में एएसआई सुभाष समेत उनकी टीम के सदस्य मौजूद रहे। वहीं, जिला गुप्तचर विभाग मित्रपाल और राजकुमार शामिल रहे।
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