गांव सिवाह में पत्नी अन्नू उर्फ रीता (27) और बेटे कविश (1) की हत्या करने से पहले बाउंसर रमेश कादियान उर्फ मैसी ने ससुर को भी फोन कर घटना की जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक, अन्नू की हत्या चुन्नी से व कविश को हाथ से गला घोटकर उसने मार डाला। आत्महत्या से पहले उसने वीरवार दोपहर 2:22 मिनट पर ससुर रणबीर को फोन पर कहा था कि ससुर जी, आपकी बेटी और ध्यौते को मार दिया है, आकर संभाल लो और मैं सुसाइड करने जा रहा हूं। इतना कहते ही बाउंसर ने फोन काट दिया।
बाद में रमेश ने पिता पाले राम और बड़े भाई सुरेश ने घर जाकर देखा तो अन्नू और कविश की मौत हो चुकी थी। उनका शरीर बेड पर पड़ा था। सुरेश के मुताबिक, रमेश वहां नहीं था, बाहर आए तो वह भाग रहा था। सुरेश ने बताया कि उसने रमेश को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भागते-भागते गांव सिवाह के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। वहां उसने ट्रेन के आगे कूदने का प्रयास किया। पहले तो उसे बचा लिया गया लेकिन वह भागकर ईख की फसल में जाकर छिप गया। कुछ देर बाद दूसरी ट्रेन आई तो रमेश ने उसके आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सुरेश ने बताया कि सेक्टर 29 थाना और जीआरपी की पुलिस ने मिलकर तीनों के शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। वहां शुक्रवार को तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
दहेज के लिए दामाद करता था प्रताड़ित, गलती न होने पर भी करता था मारपीट
ससुर रणबीर ने बताया कि 25 मई को उन्होंने नई गाड़ी ली थी। बेटी तब घर आई थी, तब बताया था कि पति रमेश, सास बीरमति, ससुर पालेराम और जेठ सुरेश उसके साथ मारपीट करते हैं। दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने बेटी को समझाया और ससुराल भेज दिया था। बुधवार को आटा चक्की पर आटा पीसने की वजह से अन्नू और सास बीरमति के बीच झगड़ा हो गया था। इसकी सूचना भी बेटी ने फोन पर दी थी, लेकिन फिर भी उन्होंने बेटी को ही समझाया था। रणबीर का आरोप है कि जब भी घर में झगड़ा होता तो दामाद रमेश अपने माता-पिता का पक्ष लेता था और बेटी के साथ मारपीट करता था। वीरवार को दामाद ने बेटी और ध्योते की हत्या कर दी। पिता ने पुलिस को शिकायत दी है।
पत्नी शक करती है साहब, क्या करूं : पंवार
दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर पद्म पंवार ने बताया कि पिछले पांच साल से अधिक समय से रमेश उनका बाउंसर था। हर समय उसके साथ गाड़ी पर रहता था। रमेश कहता था कि उसकी पत्नी उस पर शक करती है कि उसके किसी और महिला से संबंध हैं। इस वजह वह परेशान रहता है। वीरवार की दोपहर करीब ढाई बजे रमेश ने उसके बेटे नितिन के पास फोन किया और पत्नी और बेटे की हत्या करने की सूचना दी और कहा था कि वह खुद भी आत्महत्या करने के लिए जा रहा है। जिसके बाद नितिन ने रमेश के पिता को फोन किया और घर जाकर देखने की बात कही।
लॉकडाउन की वजह से एक माह पहले दिल्ली से गांव लौटा था रमेश
बाउंसर रमेश कादियान उर्फ मैसी तीन बहन भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ी बहन और बड़ा भाई सुरेश है, तीनों शादीशुदा हैं। बड़ा भाई सुरेश की पत्नी दिल्ली पुलिस में है, जिस वजह सुरेश ज्यादातर दिल्ली ही रहता है। रमेश के पिता पालेराम ने करीब दो साल पहले बंटवारा कर दिया था। दोनों बेटों को बराबर जमीन बांट दी थी। हालांकि पिता पालेराम और मां बीरमति दोनों ही बड़े बेटे सुरेश के साथ अलग मकान में रहते हैं। रमेश ने हाल ही में नया मकान बनवा रहा था। करीब छह महीने पहले वहां रहने भी लगा। जब रमेश ने वारदात को अंजाम दिया, उस समय पत्नी और बेटे के अलावा घर पर और कोई नहीं था।
सूचना मिलते ही पहुंचे एएसपी और एसपी
हत्या के बाद आत्महत्या करने की सूचना मिलते ही जिला पुलिस में हड़कंप मच गया। एसपी शशांक कुमार सावन, एएसपी पूजा वशिष्ट, सेक्टर 29 थाना प्रभारी सुनील कुमार, जांच अधिकारी सतपाल, राजेश समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और तीनों के शव को सामन्य अस्पताल पहुंचाया। वहीं जीआरपी थाना के प्रभारी राज कुमार ने बताया कि करीब तीन बजे उनके पास सूचना आई थी कि रमेश कादियान ने पानीपत से दिल्ली जा रही पश्चिमी एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना पर जीआर पी की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
जिस बेटे को दिन भर बाइक में बैठाकर गांव में घुमाता था, उसी को मौत के घाट उतारा-
सिवाह गांव में चर्चाएं चलीं कि जिस मासूम बच्चे कविश को पिता रमेश दिन भर बाइक पर बैठाकर घुमाता था। उसको क्यों मारा। उस मासूम का क्या कसूर था। पति पत्नी के बीच की कलह की भेंट उस मासूम को भी चढ़ना पड़ा।
मृतका अन्नू के पिता रणबीर की शिकायत पर रमेश, ससुर पालेराम, सास बीरमति और जेठ सुरेश के खिलाफ दहेज के प्रताड़ित करने और अन्नू व कविश की हत्या करने की शिकायत दी है। पुलिस ने धारा 302 और 304 बी के तहत चारों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को शव के पोस्टमार्टम कराएंगे।
- सुनील कुमार, सेक्टर 29 थाना प्रभारी