12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या के दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। चार साल की सुनवाई और 17 लोगों की गवाही के बाद शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फैसला सुनाया है। दोनों दोषियों को सात अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है। साथ ही एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
13 जनवरी 2018 को मतलौडा खंड के गांव में मामा के घर रहने वाली 12 वर्षीय बच्ची घर का कूड़ा डालने गई थी। बच्ची को अकेला पाकर प्रदीप और सागर ने उसका अपहरण कर लिया था। इसके बाद प्रदीप के घर ले गए थे और वहां दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की हालत बिगड़ने पर शाल से गला घोंटकर हत्या कर शव मंदिर के पीछे गड्डे में फेंक दिया था।
वारदात की रात बारिश होने से गड्ढ़े में पानी भरने के कारण बच्ची का शव ऊपर आ गया था। पुलिस ने शव बरामद कर उसका डीएनए टेस्ट कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने प्रदीप और सागर को गिरफ्तार कर लिया था।
पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कुबूल किया था। फिलहाल दोनों पानीपत जेल में बंद हैं। पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने वाले वकील अनुज चौधरी ने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषियों को तीन धाराओं के तहत फांसी, एक धारा के तहत उम्रकैद, दो धाराओं के तहत सात वर्ष और एक धारा के तहत दस वर्ष की सजा सुनाई है।