अजय चौटाला को किसानों ने दिखाए काले झंडे।
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संगठन की मजबूती और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती की तैयारियों के लिए गुरुवार को पानीपत पहुंचे जजपा अध्यक्ष अजय चौटाला को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए तो उन्हें रोकने के लिए आई पुलिस से झड़प हो गई। इसके बाद किसानों को गिरफ्तार कर सेक्टर-29 थाने ले जाया गया। अजय चौटाला के जाने के बाद शाम करीब चार बजे उन्हें छोड़ा गया।
चौधरी देवीलाल की जयंती 25 सितंबर को हैं, जिसे लेकर जजपा की ओर से प्रदेश भर में सक्रिय सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही जयंती में कार्यकर्ताओं को शामिल करने और संगठन को मजबूत करने के लिए जजपा की ओर से जगह-जगह कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इसके तहत गुरुवार को पानीपत के आर्य कॉलेज में कार्यक्रम निर्धारित था। इसकी भनक लगते ही कार्यक्रम स्थल के बाहर काफी संख्या में किसान जमा हो गए। इस बीच दोपहर 12 बजे अजय चौटाला के पहुंचने पर किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए।
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बातचीत से ही हो सकता है मामला हल: अजय
कृषि कानूनों के मुद्दे और किसान आंदोलन को लेकर जजपा अध्यक्ष अजय चौटाला ने कहा कि इसका हल सिर्फ बातचीत के माध्यम से हो सकता है। आंदोलन करना किसानों का हक है लेकिन इसका समाधान बातचीत ही है।
थोपे गए कानून वापस लेने होंगे
आंदोलन करना हमारा हक है, जो हम कर रहे हैं। जब तक सरकार किसानों पर थोपे गए ये तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेती तब तक किसान आंदोलनरत रहेंगे। सरकार ने किसानों पर हर जुल्म करके देख लिया है लेकिन धरतीपुत्र पीछे नहीं हटा और न हटेगा।
- सुधीर जाखड़, प्रधान, भारतीय किसान यूनियन, चढूनी।
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सरकार के कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा
किसान करो या मरो की नीति पर हैं। पीछे हटने का सवाल नहीं है। हर भाजपा-जजपा के कार्यक्रम का विरोध किया जाएगा। किसान अपना हक लेकर रहेंगे। इसके लिए किसी भी अंजाम की परवाह नहीं है।
- देवेंद्र जाटल, मुख्य सलाहकार, भारतीय किसान यूनियन चढूनी।