फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा में फर्जी DSP गिरफ्तार: 12वीं पास था आरोपी, लाखों रुपये की ठगी का हुआ खुलासा

Wed, 25 Jun 2025 10:11 PM IST
शाहिल शर्मा माई सिटी रिपोर्टर पानीपत

सार

12वीं पास युवक खुद को इंवेस्टिगेशन ब्यूरो पंचकूला में डीएसपी और पत्नी को हाईकोर्ट में अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करता था। सीआई-2 की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 
विज्ञापन
फर्जी डीएसपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीआई-2 की टीम ने एक फर्जी डीएसपी को गिरफ्तार किया है। 12वीं पास युवक खुद को इंवेस्टिगेशन ब्यूरो पंचकूला में डीएसपी और पत्नी को हाईकोर्ट में अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करता था। प्रथम दृष्टया में आरोपी से पानीपत व करनाल में दो लोगों से 25 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। पानीपत के एक सिक्योरिटी एजेंसी मालिक को पंजाब यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी का टेंडर दिलाने के नाम पर 11.46 लाख रुपये की ठगी की थी। जिसका केस मार्च 2025 में पुराना औद्योगिक थाने में दर्ज किया गया था जिसकी जांच सीआइए-2 की टीम को सौंपी गई थी। 

विज्ञापन
Trending Videos

आरोपी को कोर्ट में किया जाएगा पेश 

आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। जांच में पता चला है कि आरोपी ने करनाल के एक युवक को विदेश भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये ठगे थे। इसका केस रामनगर थाने में दर्ज है। डीएसपी मुख्यालय सतीश वत्स ने बुधवार को जिला पुलिस मुख्यालय में मामले का पटाक्षेप किया। उन्होंने बताया कि 15 मार्च 2025 को दत्ता कॉलोनी निवासी अमित शर्मा ने थाना पुराना औद्योगिक में केस दर्ज कराया था। उनका कहना है कि उनका एवी सिक्योरिटी सर्विस के नाम से मॉडल टाउन में कार्यालय है। वह सिक्योरिटी के लिए मैनपावर उपलब्ध कराते हैं। 

जाटल रोड नहर के पास स्थित कार वर्ल्ड पर वह अपनी कार की सर्विस कराने के लिए गया था। जहां पर उसकी मुलाकात सुमित आहूजा व उसकी पत्नी तनवीर संधू से हुई थी। सुमित ने खुद को डीएसपी बताया था और कहा था कि उसकी तैनाती इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो पंचकूला में है। साथ ही पत्नी तनवीर को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में कार्यरत बताया था। उनका पांच जनवरी 2025 को बचत खाता बंद हो गया जिस पर उसने सुमित आहूजा से संपर्क किया। सुमित ने खाते को सुचारू कराने की बात कही। इसके लिए उसने 40 हजार रुपये लिए।

यूनिवर्सिटी के निदेशक को बताया था परिवार का आदमी

सुमित आहूजा ने 14 जनवरी 2025 को अमित को फोन कर कहा पंजाब यूनिवर्सिटी में सिक्योरिटी में चार हजार लोगों का टेंडर आया है। यूनिवर्सिटी के निदेशक उसके परिवार का आदमी है। वह उसको सिक्योरिटी का टेंडर दिला देगा। टेंडर की बात करने के लिए वह उसे अपने साथ चंडीगढ़ ले गया। उसे गाड़ी में बैठाकर खुद अंदर गया और 11 लाख रुपये में बात पक्की होने की बात कही। उसी दिन अमित ने पानीपत पहुंचकर 7.50 लाख और अगले दिन 3.50 लाख रुपये सुमित को दिए। जब टेंडर के बारे में पूछा तो उसने कोई ठोस जवाब नहीं दिया जिसके बाद अमित ने पुराना औद्योगिक थाने में केस दर्ज करवाया था। तत्कालीन एसपी ने इस मामले की जांच सीआईए-2 की टीम को सौंपी थी। बुधवार को पुलिस पुलिस ने मॉडल टाउन थाना क्षेत्र से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सुमित आहूजा की पत्नी पहले ही इस मामले में हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली थी। आठ अप्रैल को केस में शामिल जांच कर उसके बयान दर्ज किए गए थे।
विज्ञापन

किराये के मकान में रहता था सुमित 

डीएसपी ने बताया कि आरोपी सुमित आहूजा हाईप्रोफाइल तरीके से रहता था। वह बात भी अधिकारियों की तरह ही करता था। मॉडल टाउन में भी उसने खुद को अधिकारी बताया था। जब पुलिस मामले की जांच करने उसके घर पर पहुंची तो पता चला कि वह किराये के मकान में रहता है।

ये भी पढ़ें: दामाद की अय्याशी: पहले सास ने दी जान, फिर गर्भवती पत्नी ने भी मौत को लगाया गले, हरियाणा की चौंकाने वाली घटना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें