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Panipat News: अस्पताल में बेहतर हुई सुविधा, चिकित्सकों की कमी में भी इलाज पर भरोसा

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कुलदीप राठी
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समालखा। सामान्य अस्पताल में सुविधा बढ़ने के साथ मरीजों का भी विश्वास बढ़ गया है। अस्पताल में पिछले कई सालों से ओपीडी भी बढ़ गई है। 2023-24 के आंकड़ों पर नजर डालें तो 82838 ओपीडी हुई थी। जो 2024-25 में 92361 ओपीडी पहुंच गई है। अब चिकित्सकों की कमी कुछ खल रही है। हालांकि चिकित्सकों की कमी कुछ परेशानी बढ़ा रही है। यहां अधिकारियों ने इनको भी जल्द ही पूरा करने की बात कही है।

भापरा रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जीटी रोड पर मनाना बीएड कॉलेज के सामने नए भवन में शिफ्ट किया था। सामुदाय केंद्र को 50 बेड के अस्पताल में अपग्रेड किया गया। उस समय सुविधाओं का भी अभाव था। वक्त के साथ सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में काम किया। अब यहां पर प्रतिदिन ओपीडी में लोगों का तांता लगा रहता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुछ कमी है। अस्पताल में 42 पदों पर मात्र सात चिकित्सक हैं। इन सबके बीच अस्पताल में सरकारी इलाज पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है।
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अस्पताल में ओपीडी में लगातार संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2022-23 में 53 हजार ओपीडी हुई थी। जबकि 23-24 में 82838 और 24-25 में 92361 ओपीडी हुई। इसी दौरान 22-23 में 4888, 23-24 में 5551 और वर्ष 2024-25 में 5541 मरीज भर्ती हुए।
अस्पताल में लैब टेस्ट की सुविधा में भी सुधार हुआ है और इसे अप्रगेड किया गया है। वर्ष 22-23 में 43434, वर्ष 23-24 में 111106 व वर्ष 24-25 में 270518 लैब टैस्ट हुए। पहले पूरे दिन में 30 टेस्ट की रिपोर्ट मिल पाती थी। अस्पताल में अभी बायोकेमेस्ट्री एनालाइजर मशीन आने के बाद अब दो घंटे में ही 70 की रिपोर्ट तैयार हो जाती है। इसके अतिरिक्त एक्सरे 152 से बढ़कर 1380 हुए हैं। 2024-25 में यह बढ़कर 9073 हो गए हैं। अस्पताल में फिलहाल डिजिटल एक्स-रे मशीन है।
100 बेड में अपडेशन के बाद मिले डाॅक्टर व नर्सिंग स्टाफ

पिछले दिनों अस्पताल के 100 बेड में अपग्रेड होने पर दो सीनियर नर्सिंग ऑफिसर मिली हैं। अस्पताल में सात चिकित्सक हैं। इनमें दो ने कुछ दिन पहले ही ज्वाइन किया है जबकि एक एनएचएएम के तहत महिला चिकित्सक हैं।
एक सहायक नेत्र चिकित्सक है। एसएमओ डाॅ. संजय आंतिल का कहना है कि उच्चाधिकारियों से चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने को लेकर पत्राचार किया गया है। सामान्य अस्पताल में करीब 55 स्थायी स्टाफ है जबकि एनएचएएम के तहत 24 और हरियाणा कौशल रोजगार के तहत 133 का स्टाफ है। चिकित्सकों के 42 पदों पर मात्र सात चिकित्सक हैं। अस्पताल में हड्डी और ईएनटी विशेषज्ञ नहीं हैं। चर्म और आंखों के भी विशेषज्ञ नहीं हैं।

अस्पताल में अब सिजेरियन शुरू

अस्पताल में प्रसुति विभाग की सुविधाओं में सुधार किया गया है। पहले यहां पर आने वाली अधिकांश गर्भवती महिलाओं को सुविधाओं के अभाव के चलते रेफर कर दिया जाता था। इस कारण इसे रेफरल अस्पताल भी कहा जाने लगा था। अब स्थिति बदल गई है। प्रतिवर्ष करीब 1600 डिलीवरी केस यहां पर हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त अभी यहां सिजेरियन डिलीवरी भी कराई जाने लगी है।
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वर्जन :

एसएमओ डाॅ. संजय अंतिल ने बताया कि अस्पताल स्टाफ के सहयोग से कार्य कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि यहां पर सुविधाओं को बढ़ाया जाए। इसमें अल्ट्रासाउंड मीशन, फिजियो यूनिट, दंत चिकित्सा के लिए डिजीटेल एक्सरे मशीन के लिए प्रयासरत हैं।
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