पानीपत में प्रशासन की तमाम कोशिशाें के बावजूद शहर से जाम की समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा। अब इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन एक्सपर्ट की शरण चला गया है।
शहर से जाम की समस्या को खत्म करने के लिए दिल्ली की एक प्रोफेशनल एजेंसी की मदद ली जाएगी। यह एजेंसी शहर में व्यापक सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन यातायात व्यवस्था बहाल करेगा। प्रशासन को उम्मीद है कि प्रोफेशनल एजेंसी की सर्वे रिपोर्ट को लागू करने से काफी हद तक जाम से मुक्ति मिल सकेगी।
शहर के बीचाें-बीच 10 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड फ्लाई ओवर के गुजरने, जीटी रोड की दोनाें सर्विस लेन व फुटपाथों पर कब्जाें के चलते ट्रैफिक की गति धीमी होने, सड़काें किनारे वाहनाें की गलत तरीके से पार्किंग करने, नए वाहनाें की संख्या तेजी से बढ़ने व अन्य कई समस्याआें के कारण शहर पूरी तरह से जाम की चपेट में है। आए दिन हर सड़क, चौक 1द्मस्द्भ प्वाइंट पर अकसर जाम देखा जा सकता है।
तत्कालीन डीसी ने की थी पहल
जाम की समस्या को देखते हुए शहर के विभिन्न संगठनाें ने एलिवेटेड फ्लाई ओवर के नीचे खाली पड़ी जमीन पर पार्किंग बनाने की मांग उठा दी मगर प्रशासन ने सुरक्षा कारणाें का हवाला देते हुए पुल के नीचे पार्किंग को मंजूरी से इंकार कर दिया। बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन डीसी जेएस अहलावत ने एक फरवरी 2012 इसे पार्किंग के लिए खोल दिया। पार्किंग के लिए गोहाना मोड से लघु सचिवालय तक करीब दो किलोमीटर लंबे एरिया को सात जोन में बांट दिया। पार्किंग बनते ही रोजाना यहां पर हजार से अधिक कार व अन्य वाहन खड़ा होना शुरू हो गए। पार्किंग ने ट्रैफिक जाम को कुछ हद तक कम करने का काम किया।
डेढ़ साल पहले बंद किए थे कट
तत्कालीन एसएसपी केके राव ने भी शहर को जाम मुक्त कराने का बीड़ा उठाया लिया। 25 मई 2012 से जीटी रोड पर बस अड्डा, लाल बत्ती चौक और संजय चौक के कटाें को बंद कर दिया। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पहला कट गोहाना मोड़ होगा, दूसरा कट रेलवे रोड और तीसरा कट स्काईलार्क के सामने बना दिया। हालांकि इससे अनेक लोगाें को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाने पड़े। मगर कई मौकाें पर ट्रैफिक को जाम होने से बचाने में फायदा भी मिला। जाम से पूरी तरह से मुक्ति के लिए प्रशासन ने प्रयोग के तौर पर कभी किसी कट को बंद कर दिया तो अगले दिन दुबारा से खोल दिया मगर शहर को जाम से पूरी तरह से मुक्ति नहीं दिला सका।
अब परफेक्ट प्लान होगा लागू
प्रशासन ने ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए शहर के अनेक संगठनाें और लोगाें से परामर्श भी लिया मगर हर संगठन ओर व्यक्ति की राय जुदा थी। ऐसे मेें उन्हें परफेक्ट ट्रैफिक प्लान नहीं मिल पाया। अब प्रशासन ने दिल्ली की एक एक्सपर्ट एजेंसी से संपर्क किया है। ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एजेंसी शहर में व्यापक स्तर पर सर्वे करेगी। एजेंसी यह देखेगी कि आखिर कौन से कारण हैं जिनकी वजह से शहर में जाम लग रहा है। कारण ढूंढने के बाद एजेंसी इसके उपाय भी सुझाएगी। बाद में प्रशासन एजेंसी की सर्वे रिपोर्ट को अमल में लाएगा। प्रशासन का मानना है कि एजेंसी कर रिपोर्ट कारगार साबित होगी।
सबसे अधिक जाम लगता है यहां
सामान्य बस अड्डे के सामने, लाल बत्ती चौक, सलारगंज गेट, एसडी कालेज के सामने, सनौली रोड, गोहाना रोड, गोहाना फ्लाई ओवर, जाटल रोड, जाटल अंडरपास, रेलवे रोड, असंध फ्लाई ओवर, असंध अंडरपास, तहसील कैंप मोड, रामलाल चौक व पश्चिमी यमुना नहर के चौक पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है।