पानीपत। ईएसआई लाभार्थियों को अब इमरजेंसी में कैशलेस इलाज इम्पैनल्ड अस्पतालों में सीधे मिल पाएगा। इसके लिए रेफर कराने की जरूरत नहीं हरेगी। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने दावा किया है कि विभाग के सीएस अमित गुप्ता ने इससे संबंधित पत्र जारी किया है।
सीए जगदीश धमीजा ने बताया कि आपातकालीन (इमरजेंसी) स्थितियों में ईएसआई लाभार्थियों को इलाज के लिए पहले ईएसआई डिस्पेंसरी या अस्पताल से रेफरल बनवाने में परेशानी और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ता था। इससे कई बार मरीज की जान पर बन आती थी। अब कोई भी टाई-अप अस्पताल किसी भी ईएसआई लाभार्थी उनके आश्रित परिवारजनों या पेंशनरों को आपातकालीन इलाज के लिए मना नहीं कर सकता। किसी भी इमरजेंसी होने पर मरीज को बिना पहले से जनरेट किए गए ऑनलाइन यूटीआई मॉड्यूल रेफरल फॉर्म के सीधे टाई-अप अस्पताल में एडमिट किया जा सकता है।
इमरजेंसी में मरीज के अस्पताल पहुंचते ही अस्पताल प्रबंधन को बिना किसी देरी के मरीज को स्थिर करने का इलाज तुरंत शुरू करना होगा। मरीज को एडमिट करने के 24 घंटे में टाई-अप अस्पताल स्वयं यूटीआई मॉड्यूल, ईमेल या टेलीफोन के माध्यम से ईएसआईसी अधिकारियों को सूचित करेगा। अब मरीज के तीमारदारों को रेफरल के लिए दर-दर भटकने की कोई आवश्यकता नहीं है। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद ईएसआईसी अधिकारी उसी दिन या अगले वर्किंग डे अस्पताल आकर मरीज की स्थिति का वेरिफिकेशन करेंगे और वहीं से आगे के कैशलेस इलाज के लिए रेफरल लेटर जारी किया जाएगा। संवाद
इन इमरजेंसी स्थितियों में मिलेगा लाभ-
- हार्ट अटैक
- ब्रेन स्ट्रोक, सिर की गंभीर चोट या अचानक बेहोश होना
- सड़क दुर्घटना
- अचानक पेट में अत्यधिक तेज दर्द
- भारी मात्रा में रक्तस्राव
- जहर का असर या बिजली का तेज झटका लगना
- किडनी का अचानक फेल होना या कोई भी अन्य अचानक आई जानलेवा स्थिति।