प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन भूरे लाल ने शनिवार को शहर का निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम, एचआईआईडीसी और एचएसवीपी को फटकार लगाई। उन्होंने सेक्टर-25 से अवैध डंपिंग प्वाइंट को हटाने और सीटीपी का ट्रीट वाटर इंडस्ट्री में दोबारा प्रयोग करने की प्रक्रिया पर लापरवाही के बारे में पूछा, जिसका अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। सड़क किनारे राख डालने वाली औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई कर जुर्माना नहीं लगाने का भी कारण पूछा। चेयरमैन भूरे लाल शनिवार को अपनी टीम दिल्ली से रवाना होकर गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ व कैराना से होते हुए पानीपत पहुंचे। यहां सबसे पहले वे निंबरी में बने कूड़े के डंपिंग प्वाइंट पर पहुंचे। इसके बाद सेक्टर-25, सेक्टर-29 व अन्य क्षेत्रों में गए।
यह दिए निर्देश
निंबरी डंपिंग प्वाइंट : कूड़े को अलग-अलग करने का काम जल्दी शुरू करने के निर्देश दिए। प्लास्टिक वेस्ट मुरथल एनर्जी प्लांट में भेजने का काम भी जल्दी शुरू करने को कहा।
सेक्टर-25 मित्तल मेगा मॉल ग्राउंड : यहां खाली पड़े मैदान में डाला गया सड़क व भवनों का वेस्ट कंकरीट, रोड़े व ईंट पत्थर देखकर जल्दी हटाने के निर्देश दिए।
सेक्टर-25 डंपिंग प्वाइंट : पॉश सेक्टर में आबादी के बीचों बीच कूड़ा देखकर नगर निगम अधिकारियों को फटकार लगाई। सख्त निर्देश दिए कि आबादी के बीच कूड़े के ढेर नहीं होने चाहिए।
सेक्टर-29 पार्ट वन व टू : सेक्टर-29 में पहुंचने पर एचएसआईआईडीसी व एचएसवीपी अधिकारियों से कहा कि काली धुआं फेंक रहीं चिमनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सभी के लिए कॉमन ब्वायलर जल्दी लगाया जाए।
सभी इंडस्ट्रीज में पीएनजी कनेक्शन जल्दी चालू कराएं।
शहर की सभी इंडस्ट्री के बाहर बोर्ड लगाया जाए। इस साइन बोर्ड में रेड, ओरेंज, ग्रीन व व्हाइट का नियम पालन होना चाहिए।
ट्रीटमेंट वाटर ड्रेन में डालने का कहां की समझदारी
ईपीसीएस चेयरमैन भूरे लाल ने एचएसवीपी व एचएसआईआईडीसी अधिकारियों से जवाब मांगा कि सीटीपी में पानी ट्रीट करने के बाद ड्रेन में क्यों डाला जा रहा है। इसे पाइप लाइन डालकर दोबारा इंडस्ट्री में रीयूज के लिए क्यों नहीं दिया जा रहा। ताकि फ्रेश वाटर में मिक्स करके उसका प्रयोग हो सके।
ट्रीटमेंट वाटर प्रयोग के लिए डलवाएं पाइप लाइन
स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सीटीपी में ट्रीट हुआ वाटर प्रयोग के लिए सेक्टर-29 पार्ट वन व टू में पाइप लाइन डलवाई जाएं। इसके लिए पाइप लाइन का खर्च का एस्टिमेट बनाकर हेड ऑफिस भेजा जाए। सेक्टर-29 में लगाए गए 21-21 एमएलडी के दोनों सीटीपी का पानी अब प्रयोग किया जाए।
कॉमन बॉयरलर व ट्रीटमेंट वाटर के प्रयोग पर होंगे काम
ईपीसीए चेयरमैन की तरफ से मुख्य रूप से कॉमन बॉयरलर व ट्रीटमेंट वाटर का प्रयोग पर जल्दी शुरू करने के निर्देश हैं। इन दोनों ही प्रोजेक्ट पर जल्दी काम शुरू होंगे। इस बार अन्य सुझाव भी दिए गए हैं।
कमलजीत सिंह, आरओ, एचएसपीसीबी