पानीपत। देश में लाखों की संख्या में मजदूर, किसान और कर्मचारी मंगलवार को जनविरोधी नीतियों और आर्थिक नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरे। भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी फेडरेशन के संयुक्त आह्वान पर किया गया।
राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों ने अब सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ नौ जुलाई को देशव्यापी हड़ताल करने का निर्णय लिया है। सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त ने बताया कि लघु सचिवालय पर प्रतिदिन प्रदर्शन कर अपनी मांगों के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा सरकार निदेशक के नाम लिखित ज्ञापन जिला उपायुक्त के अधिकृत अधिकारी तहसीलदार सौरव शर्मा को ज्ञापन सौंपे। आशा वर्कर्स ने अपनी मांगों के लिए सीएमओ को लिखित ज्ञापन दिया। केंद्र में राज्य की सरकार देश की मेहनतकश जनता के खिलाफ लगातार षड्यंत्र रच रही है। मजदूर किसान और कर्मचारियों के खिलाफ काले कानून बनाए जा रहे हैं।
प्रदर्शन की मुख्य मांगें हैं कि सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगे। सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। स्कीम वर्कर्स आशा मिड डे मील आंगनबाड़ी को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। मजदूरों के खिलाफ बनाए गए चार लेबर कोड तुरंत रद्द किए जाएं। किसानों की फसल खरीद के लिए एमएसपी कानून लागू होना चाहिए। हरियाणा कौशल रोजगार निगम को खत्म कर और उसके तहत कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को पक्का करना चाहिए। न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये लागू करो। ठेकेदारी प्रथा खत्म करो और उद्योगों में श्रम कानून शक्ति से लागू करो। मनरेगा मजदूरों को 200 दिन का काम और प्रतिदिन आठ सौ रुपये मजदूरी दो।
इस अवसर पर अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, सचिव राजपाल, कोषाध्यक्ष दिलावर सिंह राठी, उप प्रधान सीताराम शर्मा, सीटू जिला सचिव जय भगवान आदि उपस्थित रहे।