स्वच्छ भारत मिशन-2 की तैयारियों को लेकर सोमवार को गंदगी मुक्त पानीपत का बिगुल बज गया है। सोमवार को लघु सचिवालय में स्टेट टास्क फोर्स कमेटी की ओर से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन का पूरा डाटा सौंपने के लिए कहा गया। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए शेड और तालाबों की जीर्णोद्धार पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों को बनवाने, ठोस व गीला कूड़े का प्रबंधन करने, गोवर्धन योजना के साथ प्लॉस्टिक के निस्तारण पर दो महीने के अभियान के दौरान जोर रहेगा। वहीं, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, चरखी दादरी, जींद और सिरसा में गंदगी मुक्त हरियाणा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण कैंप आयोजित करवाए जाएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता संबंधित शपथ भी दिलवाई गई। इसमें कमेटी के चेयरमैन ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा समेत स्टेट टास्क फोर्स कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे।
स्टेट टास्क फोर्स के सदस्य कूड़ा प्रबंधन के लिए गांवों में बनाए गए शेड का निरीक्षण करेंगे। जिसमें इसे कब लगाया, वर्तमान स्थिति, पंचायत को हैंडओवर करने की रिपोर्ट होगी। इसका एक वीडियो भी बनाना होगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत करवाए गए विकास कार्य में कितना पैसा लगा, इसकी भी रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा केंद्र एवं राज्य सरकार को कितना शेयर होना चाहिए। निर्धारित मापदंडों के तहत वह पैसा लगा है या नहीं, उसका पूरा खर्च ब्योरा भी तैयार करवाना होगा। स्वच्छ भारत मिशन की 15 दिन में एक बैठक भी आयोजित होगी।
विधायक महीपाल ढांडा ने सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर से कहा कि उन्हें इस बात पर जोर देना होगा कि गांव में वे कितनी बार गए हैं और कितने लोगों को स्वच्छता के बारे में समझाया गया है। इसके लिए निचले तंत्र को मजबूत करना होगा। सभी मोटिवेटर्स के लिए कैंप लगाया जाएगा। इसके बाद राज्य स्तर पर चंडीगढ़ में बैठक का आयोजन भी किया जाएगा। जिला परिषदों के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी इसकी रिपोर्ट देंगे।
स्वच्छ भारत मिशन के वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छता की पहल को आगे बढ़ाने के लिए सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्टेट टास्क फोर्स का गठन किया है। सबको इस मिशन को आगे लेकर जाना है। यही नहीं हम अपने साथ-साथ सौ अन्य लोगों को भी अपने साथ जोड़ेंगे, तब कहीं जाकर हम बदलाव की स्थिति में आएंगे।