पानीपत। एक महिला एएलएम के पद पर नियुक्ति न देने के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बिजली निगम पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ये राशि निगम को महिला एएलएम को मुआवजा के तौर पर देनी होगी। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद निगम ने महिला कर्मचारी को समालखा सब डिवीजन कार्यालय में नियुक्ति दे दी है।
बताया जा रहा है कि जींद की नरवाना रोड स्थित शीतलपुरी काॅलोनी की रहने वाली पूनम ने बिजली निगम में वर्ष 2019 में निकली भर्ती में एएलएम के पद पर आवेदन किया था। किसी कारणवश भर्ती में दिक्कत आई और वर्ष 2021 में दोबारा भर्ती खुलने के बाद वर्ष 2022 में उसका एएलएम के पद पर चयन हो गया। पूनम ने सेना से सेवानिवृत अपने पिता के आरक्षित कोटे से आवेदन किया था। समालखा सब डिवीजन में नियुक्ति को लेकर पहुंची तो तत्कालीन एक्सईएन ने शादीशुदा बेटी के लाभ न लेने का हवाला देकर उसे नियुक्ति नहीं दी। इसके बाद पूनम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में भी गई और फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने बिजली निगम के प्रबंध निदेशक को महिला कर्मचारी को एक लाख रुपये मुआवजा देने के साथ नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं। ये राशि निगम के जिम्मेदार अधिकारी से वसूली जाएगी।